उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीएम पोषण योजना से जुड़े रसोइयों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। लखनऊ में आयोजित रसोइया सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने रसोइयों के मानदेय में बढ़ोतरी, कैशलेस इलाज और दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सहायता जैसी सुविधाओं का ऐलान किया। सरकार के इन फैसलों से प्रदेश के करीब 3.53 लाख रसोइयों को लाभ मिलने की बात कही गई है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने रसोइयों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि वे स्कूलों में बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने के साथ-साथ समाज के लिए भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
योगी सरकार ने पीएम पोषण योजना के तहत काम करने वाले रसोइयों के मासिक मानदेय में 1,000 रुपये की बढ़ोतरी की है। अब रसोइयों को 2,000 रुपये के बजाय 3,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। यह बढ़ोतरी सितंबर 2026 से लागू होने की जानकारी सामने आई है। सरकार के अनुसार, इस फैसले से प्रदेश के लगभग 3.53 लाख रसोइयों को सीधा फायदा मिलेगा। मानदेय बढ़ाने से सरकार पर हर महीने लगभग 35 करोड़ रुपये और सालाना करीब 424 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ने का अनुमान है।
रसोइयों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ी घोषणा को भी सरकार के फैसलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पीएम पोषण योजना के रसोइयों और उनके परिवारों को सालाना 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों को कैशलेस मेडिकल कार्ड भी वितरित किए गए। इस सुविधा का उद्देश्य रसोइयों और उनके परिवारों को गंभीर बीमारी या अस्पताल में इलाज की स्थिति में होने वाले आर्थिक खर्च से राहत देना है।
सरकार ने दुर्घटना की स्थिति में भी आर्थिक सहायता का प्रावधान किया है। घोषणा के मुताबिक दुर्घटना की स्थिति में रसोइयों के परिवार को 2 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा रसोइयों की कार्य परिस्थितियों को बेहतर बनाने के लिए ड्रेस से जुड़ी राशि और सुरक्षा से संबंधित सुविधाओं पर भी जोर दिया गया है। रसोई में स्वच्छता बनाए रखने के लिए हेड कवर, ग्लव्स और एप्रन जैसी चीजों के इस्तेमाल को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रसोइयों को बच्चों के भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बच्चों के भोजन में किसी भी तरह की लापरवाही उनके स्वास्थ्य के लिए गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। मुख्यमंत्री ने रसोई में अनधिकृत लोगों की आवाजाही रोकने और भोजन तैयार करने के दौरान स्वच्छता के सभी मानकों का पालन करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पीएम पोषण योजना के तहत बड़ी संख्या में बच्चों को भोजन उपलब्ध कराया जाता है, इसलिए रसोइयों की जिम्मेदारी बेहद महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने रसोइयों की भूमिका की सराहना करते हुए कोरोना महामारी और महाकुंभ जैसे अवसरों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संकट के समय भोजन उपलब्ध कराने में रसोइयों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। स्कूलों में बच्चों को नियमित रूप से पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने में भी उनकी भूमिका अहम है। सरकार का कहना है कि रसोइयों को सम्मान और सामाजिक सुरक्षा देना उनके योगदान को पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने अखिलेश यादव को ‘बबुआ’ कहकर संबोधित करते हुए दावा किया कि 2027 में जनता समाजवादी पार्टी को पूरी तरह नकार देगी। मुख्यमंत्री ने अखिलेश यादव की कार्यशैली और दिनचर्या पर भी कटाक्ष किया और अपनी सरकार की कार्यशैली को उसके विपरीत बताया।
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में 2017 से पहले की समाजवादी पार्टी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा और सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर पिछली सरकार पर सवाल उठाए। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने शिक्षा, सुरक्षा और गरीबों के कल्याण के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। उन्होंने सरकारी स्कूलों में पेयजल, शौचालय, पुस्तकालय और डिजिटल सुविधाओं समेत बुनियादी ढांचे में सुधार का भी उल्लेख किया।
उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं और राजनीतिक दलों के बीच अभी से बयानबाजी तेज होती दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से रसोइयों के लिए आर्थिक और स्वास्थ्य सुविधाओं की घोषणा जहां सरकार के कल्याणकारी एजेंडे को सामने रखती है, वहीं उसी मंच से अखिलेश यादव पर किया गया हमला प्रदेश की आगामी चुनावी राजनीति की तस्वीर भी दिखाता है। हालांकि 2027 के चुनाव में जनता किसे समर्थन देगी, इसका अंतिम फैसला चुनाव के दौरान मतदाताओं के वोट से ही होगा।




