दिल्ली-एनसीआर में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभागों की चिंता बढ़ा दी है। राजधानी दिल्ली में इस साल अब तक 2308 H1N1 संक्रमण दर्ज किए गए हैं। वहीं, नोएडा में भी संक्रमण तेजी से फैलता दिखाई दे रहा है। एक दिन में 106 नए मामले सामने आने के बाद गौतमबुद्ध नगर में संक्रमितों की संख्या करीब 120 पहुंचने की जानकारी सामने आई है। मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए दिल्ली, नोएडा और आसपास के जिलों में स्वास्थ्य विभागों ने निगरानी बढ़ा दी है और अस्पतालों को संभावित मरीजों की संख्या बढ़ने की स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
दिल्ली में H1N1 मामलों में बढ़ोतरी के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वास्थ्य व्यवस्था और मौसमी बीमारियों से निपटने की तैयारियों की समीक्षा के लिए आपात बैठक की। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, राजधानी में इस वर्ष इन्फ्लुएंजा के करीब 3000 मामले सामने आए हैं, जिनमें 2308 मामले H1N1 संक्रमण के हैं। सरकार का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और अस्पतालों में डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ, दवाओं तथा बेड की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। H1N1 संक्रमित मरीजों के लिए अस्पतालों में आवश्यक आइसोलेशन व्यवस्था भी रखी गई है।
दिल्ली में इस साल सामने आए मामलों की तुलना पिछले वर्ष से करें तो संक्रमण की रफ्तार काफी अधिक दिखाई देती है। उपलब्ध स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में इसी अवधि तक दिल्ली में H1N1 के केवल कुछ सौ मामले सामने आए थे, जबकि 2026 में संक्रमितों की संख्या हजारों में पहुंच गई है। अगस्त के दौरान एक ही दिन में 100 से अधिक नए मामले सामने आने की जानकारी भी सामने आई, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ी है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद यानी ICMR की निगरानी में Influenza A और B दोनों तरह के वायरस सक्रिय पाए गए हैं। इनमें H1N1 प्रमुख स्ट्रेन के तौर पर सामने आया है।
दिल्ली से सटे नोएडा में भी स्वाइन फ्लू के मामलों में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। गौतमबुद्ध नगर के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मंगलवार को जिले में 106 नए H1N1 संक्रमित मरीज सामने आए। इससे जिले में कुल मामलों की संख्या करीब 120 हो गई। स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली, गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोगों का रोजाना नोएडा आना-जाना होता है। NCR में लोगों की लगातार आवाजाही के कारण संक्रमण एक इलाके से दूसरे इलाके तक पहुंचने का खतरा बना रहता है। इसी वजह से निजी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में निगरानी बढ़ाई गई है।
नोएडा प्रशासन ने गंभीर मरीजों की संभावित जरूरत को देखते हुए अस्पतालों में अतिरिक्त चिकित्सा व्यवस्था तैयार रखने पर जोर दिया है। गंभीर मामलों के लिए करीब 20 बेड का ICU और वेंटिलेटर सुविधा उपलब्ध रखने की जानकारी सामने आई है। साथ ही जरूरी दवाओं और चिकित्सा संसाधनों का स्टॉक सुनिश्चित किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों को संदिग्ध और पुष्ट मामलों की जानकारी समय पर उपलब्ध कराने तथा मरीजों की स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
गाजियाबाद में भी H1N1 संक्रमण के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। कुछ संक्रमित मरीजों का अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि जिन मरीजों की हालत स्थिर है, उन्हें चिकित्सकीय सलाह के अनुसार घर पर निगरानी में रखा जा रहा है। दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के बीच रोजाना होने वाले भारी आवागमन को देखते हुए पूरे NCR में फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों पर नजर रखने की जरूरत बढ़ गई है।
विशेषज्ञों के मुताबिक मानसून के दौरान मौसम में बदलाव, अधिक नमी और भीड़भाड़ वाली जगहों पर लोगों की मौजूदगी के कारण श्वसन संक्रमण फैलने की संभावना बढ़ सकती है। H1N1 संक्रमित व्यक्ति की खांसी, छींक या सांस के दौरान निकलने वाली संक्रमित बूंदों के संपर्क में आने से फैल सकता है। इसके सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द और अत्यधिक थकान शामिल हो सकते हैं। हालांकि, इन लक्षणों की समानता कई अन्य वायरल संक्रमणों से भी होती है, इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर H1N1 की पुष्टि नहीं की जा सकती।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से हृदय या फेफड़ों से जुड़ी बीमारी वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह देते हैं। ऐसे लोगों में फ्लू के कारण जटिलताओं का जोखिम अपेक्षाकृत अधिक हो सकता है। लगातार तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, अत्यधिक कमजोरी, भ्रम या तेजी से बिगड़ती तबीयत जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को भीड़भाड़ वाली जगहों पर आवश्यकता के अनुसार मास्क का इस्तेमाल करने, खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकने तथा हाथों की नियमित सफाई करने की सलाह दी जा रही है। फ्लू जैसे लक्षण होने पर दूसरों के संपर्क में आने से बचना भी संक्रमण को फैलने से रोकने में मदद कर सकता है। बार-बार छुई जाने वाली सतहों की सफाई रखना और पर्याप्त आराम करना भी जरूरी है। डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक या अन्य दवाएं लेने से बचना चाहिए, क्योंकि हर वायरल संक्रमण में एंटीबायोटिक प्रभावी नहीं होती।
फिलहाल दिल्ली सरकार का कहना है कि अस्पतालों में आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। लेकिन राजधानी में 2308 H1N1 मामलों और नोएडा में एक दिन में बड़ी संख्या में नए मरीज मिलने के बाद दिल्ली-NCR में सतर्कता बढ़ाना जरूरी हो गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर पहचान, संक्रमित व्यक्ति से दूरी, उचित स्वच्छता और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय उपचार के जरिए संक्रमण के प्रभाव को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।




