बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और अन्य मुद्दों को लेकर संसद का मानसून सत्र लगातार तीसरे दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ गया। विपक्षी दलों ने दोनों सदनों में जोरदार नारेबाजी और प्रदर्शन किया, जिसके चलते बुधवार को लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी और अंततः दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
विपक्ष की मुख्य मांग बिहार में मतदाता सूची के पुनरीक्षण में कथित अनियमितताओं पर चर्चा की थी। इसके अलावा महंगाई, बेरोजगारी और हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों को लेकर भी सरकार को घेरने की कोशिशें की गईं। विपक्ष का आरोप है कि सरकार इन मुद्दों पर बहस से बच रही है, जबकि सत्ता पक्ष इसे केवल सस्ती राजनीति करार दे रहा है।
हंगामे के कारण प्रश्नकाल और शून्यकाल में कोई कामकाज नहीं हो सका। कई सांसदों के भाषण और प्रस्ताव लंबित रह गए। संसदीय कार्यमंत्री ने विपक्ष से सहयोग की अपील की, लेकिन गतिरोध खत्म नहीं हुआ।
ऐसे में अब गुरुवार को चौथे दिन भी सदनों में टकराव और कार्यवाही के बाधित होने की पूरी आशंका जताई जा रही है।




