दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स कार्टेल का भंडाफोड़ करते हुए करीब ₹100 करोड़ मूल्य की कोकीन और MDMA जैसे उच्च श्रेणी के मादक पदार्थ जब्त किए हैं। यह गिरोह आधुनिक तकनीक और ऐप आधारित डिलीवरी मॉडल पर काम कर रहा था। कार्रवाई में पांच विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है।
कैसे किया जाता था ड्रग्स का संचालन?
पुलिस जांच के अनुसार, इस सिंडिकेट का संचालन एक नाइजीरियाई नागरिक द्वारा किया जा रहा था, जो दिल्ली-एनसीआर में बैठकर पूरे नेटवर्क को कंट्रोल करता था। यह गिरोह ऑनलाइन ऐप्स और WhatsApp कॉल्स के ज़रिए ग्राहकों से संपर्क करता था और महिलाओं को कैरीयर (ड्रग्स पहुंचाने वाली) के तौर पर इस्तेमाल करता था।
तरीका:
ग्राहक WhatsApp या सोशल मीडिया के ज़रिए संपर्क करते थे
तय पते पर ड्रग्स की “app-style delivery” की जाती थी
पेमेंट क्रिप्टोकरेंसी या नकद में ली जाती थी
कैरीयर के रूप में विदेशी महिलाएं शामिल थीं
गिरफ्तारी और बरामद सामान:
पुलिस ने एक विशेष सूचना के आधार पर दिल्ली के विभिन्न इलाकों में छापेमारी की। इसमें पाँच विदेशी नागरिकों को पकड़ा गया, जिनमें 3 महिलाएं और 2 पुरुष शामिल हैं। बरामदगी में शामिल हैं:
7 किलोग्राम कोकीन
4 किलोग्राम MDMA (ecstasy)
12 मोबाइल फोन, विदेशी पासपोर्ट
2 लैपटॉप, डिजिटल स्केल, नकद राशि
ड्रग्स पैकिंग में इस्तेमाल होने वाले सामग्री
पुलिस का बयान:
दिल्ली पुलिस के नारकोटिक्स कंट्रोल सेल प्रमुख ने प्रेस वार्ता में बताया:
“यह एक हाई-प्रोफाइल और तकनीकी रूप से उन्नत ड्रग नेटवर्क था जो दिल्ली में नए मॉडलों के जरिए युवाओं को निशाना बना रहा था। यह गिरोह ऐप-बेस्ड ‘ऑन डिमांड’ ड्रग्स सप्लाई सिस्टम पर काम कर रहा था।”
पुलिस को शक है कि इस गिरोह का लिंक यूरोप और अफ्रीका के बड़े ड्रग सिंडिकेट्स से भी हो सकता है। इंटरपोल और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय कर आगे की जांच की जा रही है।
कानूनी धाराएं:
गिरफ्तार आरोपियों पर NDPS अधिनियम, विदेशी नागरिक अधिनियम और धोखाधड़ी व साजिश की धाराएं लगाई गई हैं। आगे की पूछताछ में नेटवर्क से जुड़े और लोगों के नाम सामने आने की संभावना है।
निष्कर्ष:
दिल्ली पुलिस की यह कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा, युवा पीढ़ी को नशे से बचाने और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के विरुद्ध एक अहम कदम मानी जा रही है। यह ऑपरेशन दिल्ली में ड्रग्स के बढ़ते खतरे पर भी गंभीर संकेत देता है।




