भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एक बार फिर सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने सतर्कता दिखाते हुए तस्करी की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया। घटना पश्चिम बंगाल स्थित उत्तर 24 परगना जिले की है, जहां बीएसएफ की 05वीं बटालियन ने एक विशेष अभियान के तहत 44.40 लाख रुपए की कीमत का तस्करी का सोना जब्त किया।
तस्करी का तरीका और बीएसएफ की कार्रवाई
बीएसएफ को खुफिया सूचना मिली थी कि सीमा पार से सोने की तस्करी की योजना बनाई गई है। इसके बाद जवानों ने बॉर्डर पोस्ट हरिदासपुर पर सघन निगरानी और तलाशी अभियान चलाया। संदिग्ध गतिविधियों पर नज़र रखते हुए बीएसएफ जवानों ने सीमावर्ती क्षेत्र में गश्त तेज की।
तलाशी के दौरान जवानों ने एक संदिग्ध व्यक्ति को देखा, जो सीमा की ओर बढ़ रहा था। उसे रुकने का इशारा किया गया, लेकिन वह भाग निकला। बाद में बीएसएफ ने मौके से एक पैकेट बरामद किया, जिसमें सात सोने की बिस्किट थीं। इनका कुल वजन लगभग 771.08 ग्राम पाया गया। बरामद सोने की बाज़ार में अनुमानित कीमत 44,40,248 रुपये है।
अंतरराष्ट्रीय तस्कर गिरोह पर बीएसएफ की नज़र
बीएसएफ ने आशंका जताई है कि यह खेप किसी अंतरराष्ट्रीय तस्कर गिरोह से जुड़ी हो सकती है, जो भारत में अवैध रूप से सोना लाकर कालेधन को वैध बनाने की कोशिश करते हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में गहन जांच की जा रही है और आसपास के क्षेत्रों में तलाशी बढ़ा दी गई है।
बीएसएफ की सतर्कता ने एक बार फिर साबित किया दम
बीएसएफ साउथ बंगाल फ्रंटियर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सीमा क्षेत्र में तस्करी पर रोक लगाने के लिए विशेष रणनीति के तहत निगरानी बढ़ा दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि बीएसएफ की यह कार्रवाई तस्करों को साफ संदेश देती है कि वे कोई भी अवैध गतिविधि सुरक्षित रूप से अंजाम नहीं दे सकते।
आगे की कार्रवाई
जब्त किए गए सोने को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए कस्टम विभाग के हवाले कर दिया गया है। बीएसएफ इस घटना की तह तक जाने के लिए जांच एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है। आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि तस्करी नेटवर्क का खुलासा हो सके।




