नई दिल्ली, 2 अगस्त 2025 —
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को दिल्ली के सुल्तानपुरी क्षेत्र में स्थित डीडीए फ्लैट्स का दौरा किया। इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने फ्लैटों की दयनीय स्थिति पर चिंता जताई और कहा कि करीब 50,000 फ्लैट पूरी तरह से जर्जर अवस्था में हैं, जहां रहना आम जनता के लिए खतरे से खाली नहीं है। मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे को लेकर पूर्ववर्ती सरकारों की लापरवाही पर भी तीखा प्रहार किया।
निरीक्षण के दौरान सीएम का बयान:
मुख्यमंत्री रेखा ने निरीक्षण के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा,
“इन फ्लैटों को जनता को राहत देने के मकसद से बनाया गया था, लेकिन जिस तरह से इनकी हालत हुई है, वह प्रशासनिक असफलता का जीता-जागता उदाहरण है। पहले की सरकारों ने सिर्फ कागजों पर योजनाएं चलाईं, ज़मीन पर कुछ नहीं किया।”
उन्होंने यह भी कहा कि अब इन जर्जर फ्लैटों का पुनर्विकास (Redevelopment) किया जाएगा, और इसके लिए विशेष योजना तैयार की जा रही है।
स्थिति कितनी गंभीर?
निरीक्षण में पाया गया कि:
कई फ्लैटों की छतें टपक रही हैं।
सीलिंग और दीवारों में दरारें हैं।
सीवरेज और जल निकासी की व्यवस्था बेहद खराब है।
कुछ भवनों में रहने वाले परिवारों को हमेशा बिजली कटौती और जल आपूर्ति की समस्याएं झेलनी पड़ती हैं।
रहवासियों की पीड़ा:
सुल्तानपुरी की निवासी शारदा देवी ने बताया,
“हम 20 साल से यहां रह रहे हैं। मकान तो मिल गया लेकिन अब डर के साए में जी रहे हैं। दीवारों से प्लास्टर गिर रहा है और बारिश में पानी भर जाता है।”
अब क्या करेगी सरकार?
मुख्यमंत्री ने संकेत दिए कि सरकार जल्द ही:
फ्लैटों की तकनीकी जांच कराएगी।
पुनर्विकास मॉडल तैयार कर प्रभावित परिवारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
पुनर्विकास में जन-सुनवाई को भी महत्व दिया जाएगा ताकि कोई परिवार असहाय न हो।
विपक्ष पर हमला:
मुख्यमंत्री रेखा ने बिना नाम लिए कहा,
“जो सरकारें जनता के नाम पर राजनीति करती रहीं, उन्होंने इन घरों की हालत कभी नहीं देखी। हम वादे नहीं, समाधान देने आए हैं।”
पृष्ठभूमि:
दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) द्वारा सुल्तानपुरी सहित कई इलाकों में वर्ष 1990 से 2010 के बीच निम्न आय वर्ग (LIG) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए फ्लैट बनाए गए थे। लेकिन समय के साथ उनकी देखभाल नहीं होने के कारण ये फ्लैट जर्जर हो गए।
निष्कर्ष:
सुल्तानपुरी डीडीए फ्लैटों की हालत सरकार की हाउसिंग पॉलिसी पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। मुख्यमंत्री रेखा के दौरे से उम्मीदें जागी हैं कि अब इन पुराने घरों को सुरक्षित और रहने योग्य बनाया जाएगा।




