मुख्यमंत्री ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य रणनीति नहीं था, बल्कि यह हर भारतीय परिवार के सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह ऑपरेशन उन आंसुओं का जवाब था जो हमारी बहनों और माताओं ने अपने वीरों के लिए बहाए थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी न केवल एक संवेदनशील भाई हैं, बल्कि एक साहसी पिता और सच्चे राष्ट्रनायक भी हैं।”
इस दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्ष और खास तौर पर कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति से विपक्ष को कोई लेना-देना नहीं है, उन्हें सिर्फ अपनी राजनीति की चिंता है।
बिना नाम लिए कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि, “कुछ नेता मंचों पर संवेदनाओं का दिखावा करते हैं, लेकिन संसद में वही लोग देश की सेना और सरकार पर सवाल उठाते हैं। जिन्हें अपने प्रधानमंत्री और सेनाओं पर भरोसा नहीं, वे हमेशा विदेशी ताकतों के सामने नतमस्तक रहते हैं।”
मुख्यमंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि अतीत में जब देश युद्ध के दौर से गुज़र रहा था, तब कांग्रेस सरकारों ने क्या निर्णय लिए थे, और क्या वे राष्ट्रहित में थे?
तो कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री ने आज सरकार की सैन्य कार्रवाई को देश के सम्मान से जोड़ते हुए, विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। देखना होगा कि विपक्ष की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है।




