नई दिल्ली, 7 अगस्त 2025 – संसद का मॉनसून सत्र एक बार फिर गर्मा गया है। गुरुवार को जैसे ही लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी दलों ने जोरदार हंगामा करना शुरू कर दिया। प्रमुख मुद्दों पर सरकार को घेरने के प्रयास में विपक्ष ने नारेबाजी और वेल में आकर प्रदर्शन किया, जिससे दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई।
विपक्ष का विरोध किन मुद्दों पर?
सूत्रों के अनुसार, विपक्ष ने कई ज्वलंत मुद्दों को उठाया, जिनमें महंगाई, बेरोजगारी, हाल ही में सामने आए घोटाले और कथित सरकारी दमन प्रमुख रहे। विपक्षी सांसदों का आरोप है कि सरकार जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटका रही है और जवाबदेही से बच रही है।
सदन में क्या हुआ?
लोकसभा की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने पोस्टर लहराने शुरू कर दिए और “लोकतंत्र बचाओ” जैसे नारे लगाए। वहीं राज्यसभा में भी टीएमसी, कांग्रेस, और आम आदमी पार्टी के सदस्य मिलकर केंद्र सरकार के खिलाफ एकजुट नजर आए।
सरकार की प्रतिक्रिया
सत्तारूढ़ दल की ओर से आरोप लगाया गया कि विपक्ष सिर्फ सत्र बाधित करने की राजनीति कर रहा है। संसदीय कार्य मंत्री ने विपक्ष से शांतिपूर्वक चर्चा करने की अपील की और कहा कि सरकार सभी मुद्दों पर बहस के लिए तैयार है, लेकिन नियमों के तहत।
क्या आगे भी जारी रहेगा गतिरोध?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि दोनों पक्षों में सहमति नहीं बनती, तो पूरा मॉनसून सत्र हंगामे की भेंट चढ़ सकता है। इससे कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा और पारित होने की प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है।




