किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के मिशन पर उतरे समाजसेवी अशोक तिवारी हरियाणा में सफलता के बाद अब सुल्तानपुर में करेंगे नई शुरुआत
देश के अन्नदाता किसानों को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने के लिए किसान मित्र और समाजसेवी अशोक तिवारी अब उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “किसानों की आय दोगुनी” और “आत्मनिर्भर भारत” के सपने को साकार करने के मकसद से यह अभियान शुरू किया गया है।
अशोक तिवारी पिछले पांच साल से हरियाणा में यह मिशन चला रहे थे, जहां उन्हें बड़ी सफलता मिली। किसानों के सहयोग से वहां खेती, फसल बिक्री और गांव आधारित उद्योगों को मजबूत करने की दिशा में उल्लेखनीय काम हुआ। अब वही मॉडल उत्तर प्रदेश में लागू किया जाएगा।
किसानों के लिए क्या होगा खास?
किसानों को फसल की बुवाई से लेकर बिक्री तक आत्मनिर्भर बनाने की पहल।
हर इलाके की खास फसल पर आधारित काम – जैसे कांदीपुर ब्लॉक में धान, दुबेपुर में आलू।
किसानों को सरकारी योजनाओं की पूरी जानकारी और लाभ दिलाना।
किसान समूह बनाकर सामूहिक ताकत से बाजार तक पहुंच।
गांव आधारित उद्योगों को बढ़ावा देकर पलायन रोकना।
गोबर और जैविक उत्पादों से नई संभावनाएं, कंपनियों से तालमेल कर उचित दाम।
फसलों का सही दाम और सही समय पर बिक्री सुनिश्चित करना।
अशोक तिवारी का कहना
“प्रधानमंत्री मोदी चाहते हैं कि हर छोटा-बड़ा किसान आत्मनिर्भर हो। सरकार ने कई योजनाएं बनाई हैं, लेकिन किसानों तक उनकी जानकारी नहीं पहुंच पाती। हमारा लक्ष्य है कि हर किसान तक योजना का लाभ पहुंचे और उन्हें उनकी मेहनत का पूरा पैसा मिले।”
उन्होंने कहा कि कई बार आलू जैसी फसल किसानों को बेहद कम दाम पर बेचनी पड़ती है या खेत में ही छोड़नी पड़ती है, क्योंकि खुदाई का खर्च ज्यादा आता है। इस स्थिति को बदलना और किसानों को बाजार से सीधा जोड़ना ही इस मिशन का मकसद है।
आगे की रणनीति
अशोक तिवारी ने बताया कि अभियान की शुरुआत हर गांव के सर्वे से होगी। कौन-सी फसल कहां होती है, किस क्षेत्र में क्या समस्या है – इसकी पूरी रिपोर्ट तैयार होगी और उसी हिसाब से ब्लूप्रिंट लागू किया जाएगा।
जरूरत पड़ने पर जिला प्रशासन और अधिकारियों से भी समन्वय किया जाएगा ताकि समस्याओं का समाधान समय पर हो सके।
रिपोर्ट :- निखिल रस्तोगी




