निफ्टी 24,900 के नीचे फिसला, निर्यात पर अमेरिकी शुल्क का साया

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नई दिल्ली, 26 अगस्त 2025:
भारतीय निर्यात पर अमेरिका द्वारा टैरिफ बढ़ाने की योजना के चलते मंगलवार को घरेलू शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखी गई। निवेशकों की धारणा पर नकारात्मक असर पड़ा, जिससे बाजार खुलते ही गिरावट का दौर शुरू हो गया।

शुरुआती कारोबार में, बीएसई सेंसेक्स 600 अंकों से अधिक लुढ़क गया, जबकि एनएसई निफ्टी 24,900 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया। यह वैश्विक स्तर पर जोखिम से बचने की रणनीति को दर्शाता है, जो आने वाले समय में और भी गहराने की आशंका पैदा करता है।

क्या है टैरिफ विवाद?

अमेरिका की ओर से बुधवार को एक मसौदा नोटिस जारी किया गया है, जिसके अनुसार भारतीय वस्तुओं पर अतिरिक्त 25% शुल्क लगाया जाएगा। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो भारत से अमेरिका को होने वाला निर्यात कुल 50% टैरिफ के बोझ तले दब जाएगा।

यह कदम अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से संभावित वापसी की तैयारी में उठाया गया माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि यह टैरिफ फैसला यूक्रेन युद्ध के बीच भारत की ओर से रूस से सस्ते तेल की खरीद के जवाब में लिया गया है। फिलहाल, अमेरिका पहले से ही भारत पर 25% टैरिफ लगा रहा है।

बाजार पर असर:

  • सेंसेक्स: 600 अंकों से अधिक की गिरावट

  • निफ्टी: 24,900 से नीचे फिसला

    • शॉर्ट टर्म में सतर्कता बरतें

    • निर्यात-आधारित शेयरों में जोखिम से बचें

    • फंडामेंटली मजबूत कंपनियों पर फोकस करें

      प्रभावित सेक्टर्स: निर्यात आधारित कंपनियां, मेटल्स, फार्मा, टेक्सटाइल और ऑटो कंपोनेंट्स

      विश्लेषकों की राय:

      बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को झटका दे सकता है। इसके चलते विदेशी निवेशक फिलहाल सतर्क मुद्रा में दिखाई दे रहे हैं।
      निवेशकों के लिए सलाह:

    * अमेरिकी टैरिफ के मसौदे ने भारतीय शेयर बाजारों में भारी उथल-पुथल मचा दी है। अगर यह प्रस्ताव पारित होता है, तो आने वाले हफ्तों में और भी गिरावट देखने को मिल सकती है। निवेशकों को फिलहाल वैश्विक नीतिगत घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है।

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