अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर बढ़ाए गए टैरिफ (शुल्क) के जवाब में भारत सरकार ने एक मजबूत रणनीति तैयार की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में छह महीने के राहत पैकेज पर सहमति बन गई है।
इस पैकेज का मुख्य उद्देश्य निर्यातकों और श्रमिकों को मौजूदा वैश्विक व्यापारिक दबाव से राहत देना है।
किन क्षेत्रों को मिलेगा लाभ?
राहत पैकेज के तहत निम्नलिखित क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी:
-
कपड़ा उद्योग
-
चमड़ा उद्योग
-
रसायन (केमिकल्स)
-
खिलौना निर्माण
इन क्षेत्रों को निम्न सुविधाएँ दिए जाने की संभावना है:
-
🏦 आपातकालीन ऋण सुविधा
-
🌍 नए निर्यात बाजार तक पहुंच में सहयोग
-
💰 एकमुश्त राहत राशि / सब्सिडी
घोषणा जल्द:
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह योजना इस हफ्ते के अंत तक आधिकारिक रूप से घोषित की जा सकती है। इसके तहत MSME निर्यातकोंको भी प्राथमिकता दी जाएगी।
विशेषज्ञों की राय:
व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि यह राहत पैकेज भारत को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाए रखने में मदद करेगा। साथ ही इससे रोजगार की स्थिति में सुधार और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।




