श्रीलंका की प्रधानमंत्री डॉ. हरिनी अमरसूर्या आज से तीन दिवसीय भारत दौरे पर आ रही हैं। यह उनकी प्रधानमंत्री के रूप में पहली आधिकारिक भारत यात्रा है और इसे दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। भारत और श्रीलंका के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और व्यावसायिक संबंध रहे हैं, और इस यात्रा के माध्यम से इन संबंधों को नई दिशा देने का प्रयास किया जाएगा।
प्रधानमंत्री अमरसूर्या इस दौरे के दौरान व्यापार, निवेश, शिक्षा और विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की दिशा में चर्चा करेंगी। उन्होंने साझा संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत का हवाला देते हुए कहा कि भारत और श्रीलंका के बीच सहयोग को और मजबूती प्रदान करने के लिए यह यात्रा महत्वपूर्ण अवसर है। इस अवसर पर दोनों देशों के अधिकारी और विशेषज्ञ भी विभिन्न द्विपक्षीय मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे।
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री अमरसूर्या दिल्ली में आयोजित एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में भी भाग लेंगी। यह समिट वैश्विक नेताओं और विचारकों के साथ संवाद का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा, जहां वे अंतरराष्ट्रीय सहयोग और आर्थिक विकास पर अपने विचार साझा करेंगी। इसके अलावा, वे क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों पर भी सार्थक चर्चा में भाग लेंगी, जिससे भारत और श्रीलंका के बीच रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को बल मिलेगा।
प्रधानमंत्री अमरसूर्या की यह यात्रा दोनों देशों के बीच दोस्ताना संबंधों को मजबूती देने और द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने का संकेत है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरे से व्यापार, निवेश और अन्य क्षेत्रों में नई संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा और दोनों देशों के नागरिकों के लिए लाभकारी पहलें सामने आएंगी। इस प्रकार, यह दौरा केवल औपचारिक नहीं बल्कि भारत-श्रीलंका संबंधों में एक नई ऊर्जा और दिशा देने वाला कदम साबित होगा।




