अयोध्या इस वर्ष 17 से 20 अक्टूबर तक भव्य दीपोत्सव 2025 के लिए पूरी तरह सज गई है। रामनगरी को इस अवसर पर 28 लाख दीपों से रोशन किया जाएगा, जिससे एक नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित होने की संभावना है। इस महापर्व का आयोजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में किया जा रहा है और इसमें पांच देशों के 90 अंतरराष्ट्रीय कलाकार भी भाग ले रहे हैं।
दीपोत्सव के दौरान अयोध्या के 56 घाटों पर दीपों की विशेष सजावट की गई है। राम की पैड़ी पर 15-16 लाख दीपों की व्यवस्था की गई है। 30,000 से अधिक स्वयंसेवक इस आयोजन में भाग लेकर दीपों की सजावट में सहायता कर रहे हैं। इस बार 75,000 लीटर तेल और 55 लाख बत्तियों का उपयोग किया जाएगा। उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं दीपोत्सव का उद्घाटन करेंगे।
अंतरराष्ट्रीय कलाकारों द्वारा रामलीला का मंचन इस दीपोत्सव का आकर्षण केंद्र होगा। रूस के कलाकार ‘स्वयंवर’ का मंचन करेंगे, थाईलैंड के कलाकार शूर्पणखा और रावण युद्ध के दृश्य प्रस्तुत करेंगे, जबकि इंडोनेशिया के कलाकार जावानी कठपुतली और बालिनी नृत्य के माध्यम से लंका दहन और राम के अयोध्या आगमन का चित्रण करेंगे। नेपाल के कलाकार लक्ष्मण के योगदान को प्रदर्शित करेंगे और श्रीलंका के कलाकार रावण के दृष्टिकोण को ‘रावणेश्वर’ के माध्यम से प्रस्तुत करेंगे।
दीपोत्सव के माध्यम से स्थानीय कुम्हारों को रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं। लखीमपुर-खीरी की 44 महिलाओं ने 25,000 पर्यावरण मित्र दीप बनाए, जिससे उन्हें लगभग ₹1.25 लाख की आय हुई। इस पहल ने ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान किया है।
पर्यटकों के लिए अयोध्या में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। दीपोत्सव के दौरान होटल पूरी तरह से बुक हैं और राम मंदिर दर्शन के लिए ऑनलाइन पास भी पूरी तरह से बुक हो चुके हैं। स्वयंसेवक विश्वविद्यालय के छात्र भी 28 लाख दीपों की सजावट में योगदान दे रहे हैं।
दीपोत्सव 2025 न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति की समृद्धि, वैश्विक सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक समृद्धि का संदेश भी देता है। यह महापर्व न केवल अयोध्या को रोशन करेगा, बल्कि भारतीय संस्कृति और वैश्विक एकता की गरिमा को भी उजागर करेगा।




