रामनगरी में दीपों का महासागर: सीएम योगी ने किया दीपोत्सव का शुभारंभ

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अयोध्या में इस वर्ष का दीपोत्सव 2025 अत्यंत भव्य और ऐतिहासिक रहा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम जन्मभूमि परिसर में भगवान रामलला के दरबार में दीप प्रज्वलित कर इस उत्सव की शुरुआत की। उन्होंने भगवान रामलला के दर्शन किए और प्रदेशवासियों को दीपोत्सव की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या न केवल आस्था का केंद्र है बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक आत्मा का प्रतीक भी है। उन्होंने इस आयोजन के माध्यम से रामराज्य की मर्यादा, सदाचार और सेवा भावना को जन-जन तक पहुँचाने की बात कही।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसके बाद सरयू तट पर आयोजित भव्य महाआरती में शामिल हुए। सरयू घाट पर हजारों दीयों से सजी घाट की सीढ़ियाँ अद्भुत दृश्य प्रस्तुत कर रही थीं। आरती के दौरान वातावरण में शंखनाद, घंटियों की गूंज और वैदिक मंत्रों के उच्चारण से पूरा अयोध्या धाम आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। महाआरती में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जबकि लगभग 2100 पुरोहितों और वैदिक विद्वानों ने सामूहिक रूप से आरती संपन्न कराई। इस अद्भुत नजारे को देखने के लिए देशभर से लाखों श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे।

इस वर्ष के दीपोत्सव में अयोध्या के 55 घाटों और आसपास के क्षेत्रों में रिकॉर्ड संख्या में दीये जलाए गए। अनुमान के अनुसार करीब 26 लाख दीयों से अयोध्या को रोशन किया गया, जिसे विश्व रिकॉर्ड में दर्ज कराने का प्रयास किया गया। शहर के हर कोने को दीयों, रंगीन लाइटों, फूलों और पारंपरिक सजावट से सजाया गया था। राम की पैड़ी, हनुमानगढ़ी, कनक भवन और नागेश्वरनाथ मंदिर सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों पर विशेष प्रकाश सज्जा की गई, जिससे पूरा अयोध्या धाम स्वर्ग समान दिखाई दे रहा था।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में रामायण-आधारित झांकियों की शोभायात्रा ने लोगों का मन मोह लिया। विभिन्न राज्यों से आए लोकनृत्य दलों ने अपनी पारंपरिक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। शाम होते ही सरयू घाट पर लेजर शो, आतिशबाजी और भक्ति संगीत के साथ पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा। स्थानीय कलाकारों के साथ राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों ने भी प्रस्तुति दी, जिससे यह आयोजन न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बन गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव के अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि अयोध्या अब केवल एक धार्मिक नगरी नहीं, बल्कि विश्व पटल पर भारत की संस्कृति और आध्यात्मिकता का प्रतीक बन चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या का कायाकल्प हुआ है और आने वाले वर्षों में यह शहर पर्यटन, भक्ति और विकास का वैश्विक केंद्र बनेगा। योगी ने यह भी घोषणा की कि सरकार दीपोत्सव जैसे आयोजनों के माध्यम से स्थानीय रोजगार, पर्यटन और व्यापार को भी प्रोत्साहित करेगी ताकि अयोध्या का हर नागरिक इस उत्सव का हिस्सा बन सके।

प्रशासन ने दीपोत्सव को सफल बनाने के लिए सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए थे। लगभग 10,000 पुलिसकर्मी, ड्रोन निगरानी और आधुनिक नियंत्रण कक्ष की मदद से पूरे कार्यक्रम की निगरानी की गई। साफ-सफाई, यातायात नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। आयोजन के दौरान अयोध्या नगर निगम और स्वयंसेवी संगठनों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई।

अंत में, दीपोत्सव 2025 ने एक बार फिर अयोध्या को जगमगाती रोशनी और भक्ति के रंगों से भर दिया। लाखों दीयों की रोशनी, सरयू आरती की दिव्यता और श्रद्धालुओं की आस्था ने यह सिद्ध कर दिया कि अयोध्या आज भी रामभक्ति और भारतीय संस्कृति की जीवंत धरोहर है। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का उत्सव रहा, बल्कि भारत की आध्यात्मिक एकता और परंपरा का अद्भुत प्रदर्शन भी बना।

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