आपदा में मानवता: भारत ने क्यूबा और जमैका को भेजी राहत सामग्री, कहा — संकट में साथ हैं हम

SHARE:

कैरेबियाई क्षेत्र में आए भीषण तूफान मेलिसा ने जमैका और क्यूबा जैसे देशों में भारी तबाही मचाई है। इस आपदा के बाद भारत ने मानवीय संवेदना और वैश्विक सहयोग की मिसाल पेश करते हुए दोनों देशों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। भारत सरकार ने ‘ह्यूमैनिटेरियन असिस्टेंस एंड डिजास्टर रिलीफ (HADR)’ अभियान के तहत भारतीय वायुसेना की विशेष उड़ान से कुल लगभग 40 टन राहत सामग्री भेजी है। इस सहायता में दोनों देशों के लिए लगभग 20-20 टन आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं, जिनमें खाद्य सामग्री, प्राथमिक चिकित्सा किट, दवाइयां, मेडिकल उपकरण, पानी शुद्धिकरण यूनिट, पावर जेनरेटर, तंबू, बिस्तर और स्वच्छता किट जैसी जरूरी चीजें शामिल हैं।

विदेश मंत्रालय (MEA) की देखरेख में भेजी गई यह राहत सामग्री भारत के आरोग्य मैत्री या BHISHM (Bharat Health Initiative for Sahyog, Hita, and Maitri) फील्ड-हॉस्पिटल के तहत भेजे गए मेडिकल सहायता उपकरणों का भी हिस्सा है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने राहत सामग्री रवाना करते हुए कहा कि भारत संकट के समय अपने वैश्विक दक्षिण (Global South) भागीदारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की यह सहायता न केवल मानवीय कर्तव्य का प्रतीक है, बल्कि “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना को भी दर्शाती है।

क्यूबा और जमैका की सरकारों ने भारत की इस त्वरित और सशक्त सहायता के लिए आभार व्यक्त किया है। क्यूबा के विदेश मंत्री और भारत स्थित क्यूबा के दूतावास ने सोशल मीडिया पर भारत के समर्थन को “अमूल्य और अविस्मरणीय” बताया। वहीं जमैका के विदेश मंत्रालय और राजनयिक अधिकारियों ने कहा कि भारत ने जिस तत्परता और संवेदना के साथ मदद पहुंचाई है, वह दोस्ती और मानवीयता का सच्चा उदाहरण है।

तूफान मेलिसा ने जमैका और क्यूबा में भयंकर तबाही मचाई थी—तेज हवाओं और भारी बारिश ने सैकड़ों घरों को नुकसान पहुंचाया, कई इलाकों में बिजली और संचार व्यवस्था ठप हो गई तथा राहत कार्यों में कठिनाई आई। इन देशों के तटीय क्षेत्रों में अब भी कई लोग पुनर्वास की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। भारत की ओर से भेजी गई सहायता सामग्री स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है, जिससे प्रभावित लोगों की प्राथमिक आवश्यकताएं पूरी की जा सकेंगी।

भारतीय सहायता के विमानों की यह खेप अंतरराष्ट्रीय सहयोग की उस भावना को दर्शाती है जो आपदा के समय सीमाओं से परे जाकर मानवता को प्राथमिकता देती है। क्यूबा और जमैका दोनों ने कहा है कि वे भारत की इस मदद को कभी नहीं भूलेंगे, क्योंकि यह कठिन समय में सच्चे मित्र राष्ट्र की पहचान कराती है।

Leave a Comment