दिल्ली में हुए हालिया धमाके के बाद देशभर के संवेदनशील धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एजेंसियों ने सतर्कता बढ़ा दी है। इसी क्रम में अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि परिसर में भी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नई गाइडलाइंस लागू की गई हैं। मंदिर प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि अब राम मंदिर के अंदर किसी भी परिस्थिति में मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। यह प्रतिबंध आम श्रद्धालुओं के साथ-साथ वीआईपी और वीवीआईपी सभी पर समान रूप से लागू होगा। प्रशासन ने कहा है कि मंदिर के भीतर शांति, श्रद्धा और सुरक्षा को देखते हुए मोबाइल फोन पर पूर्ण पाबंदी जरूरी हो गई है। पहले भी मंदिर में मोबाइल ले जाने पर रोक थी, लेकिन अब सुरक्षा सूचनाओं के मद्देनज़र इस नियम को और अधिक कठोर बनाते हुए किसी को भी छूट नहीं दी जाएगी।
नई व्यवस्था के तहत मंदिर में प्रवेश करने से पहले सभी लोगों को अपना मोबाइल फोन क्लॉक-रूम या निर्धारित जमा केंद्रों में ही जमा करना होगा। प्रवेश गेटों पर सुरक्षा जांच को और सख्त कर दिया गया है, जिसमें बैग स्कैनिंग, धातु डिटेक्टर और पर्सनल स्क्रीनिंग की प्रक्रिया पहले से दोगुनी ताकत के साथ लागू की जा रही है। दिल्ली धमाके के बाद केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने उत्तर प्रदेश पुलिस को सभी प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटक स्थलों पर हाई-अलर्ट रखने की सलाह दी थी, जिसके बाद अयोध्या में सुरक्षा बलों की तैनाती और निगरानी बढ़ा दी गई है। शहर के प्रवेश मार्गों, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और मंदिर परिसर के आसपास सुरक्षा कर्मियों की तैनाती बढ़ाई गई है, साथ ही सीसीटीवी कैमरों की मॉनिटरिंग चौबीसों घंटे की जा रही है।
मंदिर प्रबंधन का कहना है कि मोबाइल फोन न केवल सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं, बल्कि मंदिर परिसर की पवित्रता और अनुशासन को भी प्रभावित करते हैं। भीड़ के बीच मोबाइल रिकॉर्डिंग, लाइव वीडियो, कॉलिंग और इंटरनेट उपयोग जैसी गतिविधियाँ सुरक्षा व्यवस्था को बाधित कर सकती हैं। वहीं, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि मोबाइल उपकरणों का दुरुपयोग कर संवेदनशील क्षेत्रों की तस्वीरें या वीडियो रिकॉर्ड किए जा सकते हैं, जिससे सुरक्षा से जुड़े जोखिम बढ़ सकते हैं। इसी कारण मंदिर ट्रस्ट और सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त रूप से यह निर्णय लिया है कि मंदिर परिसर पूरी तरह मोबाइल-फ्री रहेगा।
वीआईपी और वीवीआईपी के लिए भी अब वही नियम लागू रहेंगे, जो आम भक्तों पर लागू किए जाते हैं। विशेष कार्यक्रमों में आने वाले अतिथियों को भी फोन जमा करके ही प्रवेश दिया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की विशेष अनुमति केवल अत्यावश्यक सरकारी कार्यों के लिए ही दी जाएगी, वह भी नियंत्रित और निर्धारित व्यवस्था के साथ। वहीं आम भक्तों की सुविधा के लिए क्लॉक-रूम की संख्या बढ़ाई जा रही है ताकि किसी भी व्यक्ति को फोन जमा करने में परेशानी न हो। मंदिर ट्रस्ट ने लोगों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग दें, क्योंकि यह कदम उनकी सुरक्षा और मंदिर परिसर की पवित्रता को बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
दिल्ली धमाके के बाद अयोध्या में बढ़ाई गई इस सतर्कता को स्थानीय लोग भी महत्वपूर्ण मान रहे हैं। हालांकि कुछ श्रद्धालुओं ने मोबाइल जमा करने की बाध्यता को लेकर असुविधा व्यक्त की है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि संभावित खतरे को देखते हुए इन नियमों में किसी ढील की संभावना नहीं है। प्रशासन का कहना है कि बढ़ी हुई भीड़, लगातार बढ़ते दर्शनार्थियों और मंदिर के राष्ट्रीय महत्व को देखते हुए आधुनिक सुरक्षा प्रोटोकॉल अपनाना समय की आवश्यकता है। इसलिए मोबाइल प्रतिबंध को एक नियमित सुरक्षा अभ्यास के रूप में लागू किया जा रहा है, ताकि मंदिर परिसर सुरक्षित, शांत और अनुशासित वातावरण बनाए रख सके।




