आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 27 नवंबर 2025 को अमरावती के वेंकटपालेम में स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर (TTD) के विकास कार्य के लिए आधारशिला रखी। यह परियोजना सिर्फ मंदिर का निर्माण नहीं, बल्कि इसे तिरुमला मंदिर की तर्ज पर एक भव्य धार्मिक और पर्यटन स्थल में बदलने का लक्ष्य रखती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मंदिर “देवताओं की राजधानी” बनेगा और अमरावती को न केवल प्रशासनिक बल्कि आध्यात्मिक राजधानी के रूप में भी प्रतिष्ठित करेगा। उन्होंने विशेष रूप से उन किसानों का आभार जताया जिन्होंने राजधानी निर्माण के लिए जमीन दान की थी।
इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 260 करोड़ रुपये है और इसे लगभग ढाई वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। विकास कार्य दो चरणों में होगा। पहले चरण में मंदिर के चारों ओर महा‑प्राकार का निर्माण, सात मंजिला भव्य महा‑राजगोपुरम, पूजा और अनुष्ठानों के लिए मंडप और रथ मंडप जैसी संरचनाओं का निर्माण, नया हनुमान मंदिर, मंदिर टैंक और पत्थर फर्श जैसी आधारभूत सुविधाओं का निर्माण शामिल है। दूसरे चरण में मंदिर के चारों ओर माडा स्ट्रिट्स, भक्तों के लिए विशाल हॉल और अन्नदानम व्यवस्था, विश्राम गृह, पुरोहितों और कर्मचारियों के क्वार्टर, प्रशासनिक भवन, ध्यानालय और पार्किंग क्षेत्र जैसी सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा।
इस मंदिर परियोजना की पृष्ठभूमि में 2019 में शुरू हुई विकास योजना शामिल है, जब लगभग 25.417 एकड़ भूमि मंदिर को आवंटित की गई थी। हालांकि बाद में यह कार्य रोक दिया गया था, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसे पुनः सक्रिय किया है और अब इसका विकास तेजी से शुरू किया गया है। यह परियोजना न केवल धार्मिक महत्व बढ़ाएगी बल्कि तीर्थाटन, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देगी। बड़े पैमाने पर बने मंदिर परिसर और सुविधाएं भक्तों और पर्यटकों को आकर्षित करेंगी और अमरावती की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पहचान को नया आयाम देंगी।
इस प्रकार, चंद्रबाबू नायडू का यह 260 करोड़ रुपये का मेगा मंदिर प्रोजेक्ट अगर समय पर और योजनाबद्ध तरीके से पूरा हो जाता है, तो यह अमरावती की तस्वीर ही बदल सकता है। यह मंदिर सिर्फ पूजा स्थल नहीं रहेगा, बल्कि श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय समुदाय के लिए एक समग्र तीर्थ और आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित होगा।




