यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जिसे आमतौर पर Jewar एयरपोर्ट कहा जाता है, अब अपने उद्घाटन और वाणिज्यिक उड़ानों की शुरुआत के अंतिम चरण में है। परियोजना की समीक्षा और सुरक्षा जांच का काम लगभग पूरा हो चुका है, जिसमें केंद्रीय और राज्य दोनों स्तरों की टीमों ने रनवे, टर्मिनल और अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर का निरीक्षण किया है। अधिकारियों के अनुसार, आवश्यक तकनीकी और सुरक्षा मानकों को पूरा कर लिया गया है, और अब डीजीसीए (DGCA) की एयरड्रोम लाइसेंसिंग प्रक्रिया के अंतिम चरण में है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एयरपोर्ट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जा सकता है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि PMO की तरफ से ही आएगी। शुरुआती रिपोर्टों में उद्घाटन की संभावित तारीख 30 अक्तूबर 2025 बताई गई थी, जबकि नई कवरेज में यह संभावना जताई जा रही है कि यदि DGCA का लाइसेंस दिसंबर की शुरुआत तक मिल गया, तो उद्घाटन और व्यावसायिक उड़ानें 10 से 15 दिसंबर 2025 के बीच शुरू हो सकती हैं। उद्घाटन के लगभग 45 दिन बाद ही नियमित यात्री सेवाओं की शुरुआत की परंपरा रही है, इसलिए वास्तविक उड़ान आरंभ की तारीख इस समय सीमा के भीतर हो सकती है।
पहले चरण में एयरपोर्ट की क्षमता लगभग 12 मिलियन यात्रियों (1.2 करोड़) प्रति वर्ष संभालने की है, और भविष्य में चरणबद्ध विस्तार से इसकी क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही, स्थानीय कनेक्टिविटी और यात्री सुविधा के लिए सड़क और मेट्रो लिंक परियोजनाओं पर भी तेजी से काम चल रहा है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि उद्घाटन के समय यात्रियों के लिए सभी सेवाएं सुचारू रूप से उपलब्ध हों।
संक्षेप में, Jewar एयरपोर्ट के लिए DGCA की लाइसेंसिंग और पीएम की उद्घाटन की पुष्टि के बाद उड़ानें शुरू हो जाएंगी। मीडिया रिपोर्टों और अधिकारियों के संकेतों के अनुसार, उद्घाटन के बाद लगभग 45 दिनों के भीतर वाणिज्यिक उड़ानें चालू होंगी। यह एयरपोर्ट न केवल उत्तर भारत के यात्री आवागमन को आसान बनाएगा, बल्कि नोएडा और आसपास के क्षेत्रों के लिए आर्थिक और पर्यटन संबंधी अवसर भी बढ़ाएगा।




