पीएम मोदी के अपमान का मामला संसद पहुंचा, नड्डा ने कांग्रेस नेतृत्व को घेरा

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संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान सोमवार को राज्यसभा में तीखी राजनीतिक बहस देखने को मिली, जब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सदन के नेता जेपी नड्डा ने कांग्रेस की हालिया रैली को लेकर कड़ा हमला बोला। नड्डा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक और अपमानजनक नारे लगाए गए, जो लोकतांत्रिक मर्यादाओं के पूरी तरह खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में देश के प्रधानमंत्री के प्रति इस तरह की भाषा न सिर्फ निंदनीय है, बल्कि यह कांग्रेस की सोच और राजनीतिक संस्कारों को भी उजागर करती है। जेपी नड्डा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस पूरे मामले की जिम्मेदारी कांग्रेस नेतृत्व की है और कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी को देश से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

जेपी नड्डा के इस बयान के बाद राज्यसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई, जिससे सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित भी रही। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के लिए इस तरह के नारे अस्वीकार्य हैं और इससे राजनीति का स्तर गिरता है। नड्डा ने यह भी जोड़ा कि कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह इस तरह की भाषा और सोच का समर्थन करती है या नहीं। वहीं, लोकसभा में भी इस मुद्दे की गूंज सुनाई दी, जहां सत्तापक्ष के नेताओं ने कांग्रेस पर राजनीतिक मर्यादाएं तोड़ने का आरोप लगाया।

इस पूरे विवाद पर कांग्रेस की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं, लेकिन भाजपा नेताओं का कहना है कि केवल सफाई देना पर्याप्त नहीं है और पार्टी नेतृत्व को स्पष्ट रूप से माफी मांगनी चाहिए। इस घटनाक्रम के बाद संसद के भीतर राजनीतिक माहौल और अधिक गर्मा गया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि सत्तापक्ष इसे राजनीतिक शालीनता और लोकतांत्रिक मूल्यों से जोड़कर देख रहा है, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा बता रहा है।

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