नियमों की अनदेखी पड़ी भारी: श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज पर NMC की कार्रवाई

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राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस को बड़ा झटका देते हुए MBBS पाठ्यक्रम चलाने की अनुमति रद्द कर दी है। यह फैसला मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) द्वारा कॉलेज के निरीक्षण और मूल्यांकन के बाद लिया गया, जिसमें न्यूनतम मानकों के गंभीर उल्लंघन पाए गए। आयोग के अनुसार, कॉलेज को शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए 50 MBBS सीटों के साथ सशर्त अनुमति दी गई थी, लेकिन तय समय सीमा में आवश्यक शर्तों को पूरा नहीं किया गया।

निरीक्षण के दौरान कॉलेज में आधारभूत ढांचे की कमी, पर्याप्त क्लिनिकल सामग्री का अभाव, योग्य और पूर्णकालिक फैकल्टी व रेजिडेंट डॉक्टरों की संख्या कम होना, अस्पताल में मरीजों की संख्या और बेड ऑक्यूपेंसी मानकों के अनुरूप न होना जैसी गंभीर खामियां सामने आईं। इसके अलावा कुछ विभागों में जरूरी उपकरणों और सुविधाओं की भी कमी पाई गई। इन सभी कमियों को NMC ने अंडरग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन (UGMSR-2023) के तहत गंभीर उल्लंघन माना।

NMC ने स्पष्ट किया है कि इस निर्णय का उद्देश्य मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता न होने देना है। आयोग का मानना है कि यदि ऐसे हालात में कॉलेज को अनुमति दी जाती, तो इससे छात्रों की पढ़ाई और भविष्य दोनों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता था। हालांकि, आयोग ने यह भी साफ किया कि कॉलेज में पहले से प्रवेश ले चुके छात्रों का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।

छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए NMC ने आदेश दिया है कि सभी प्रवेशित MBBS छात्रों को जम्मू-कश्मीर के अन्य मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों में स्थानांतरित किया जाएगा। यह स्थानांतरण अतिरिक्त (सुपरन्यूमरेरी) सीटों के रूप में किया जाएगा, ताकि छात्रों की पढ़ाई बिना किसी रुकावट के जारी रह सके। इस पूरी प्रक्रिया को केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से पूरा किया जाएगा।

कुल मिलाकर, NMC की यह कार्रवाई यह संदेश देती है कि मेडिकल कॉलेजों को तय मानकों का सख्ती से पालन करना होगा। आयोग ने दोहराया है कि छात्रों की शिक्षा की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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