उत्तर प्रदेश में विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के बाद अब त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 की तैयारियों को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। इसी कड़ी में पंचायती राज मंत्री एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओमप्रकाश (ओपी) राजभर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर पंचायत चुनाव को लेकर अहम मुद्दों पर चर्चा की। इस बैठक को आने वाले पंचायत चुनावों की तैयारियों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मंत्री ओपी राजभर ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान कहा कि एसआईआर अभियान के पूरा होने के बाद अब सरकार को पंचायत चुनाव की तैयारियों को और तेज करना चाहिए, ताकि समय पर निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराए जा सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की मंशा पंचायत चुनाव को तय समयसीमा के भीतर कराने की है और किसी भी स्थिति में इसमें देरी नहीं होनी चाहिए। बैठक में चुनावी प्रक्रिया, प्रशासनिक तैयारियों और जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं को लेकर भी चर्चा हुई।
सूत्रों के अनुसार, इस दौरान ओपी राजभर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने ओबीसी आरक्षण के उप-वर्गीकरण से जुड़ा मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट को जल्द लागू करने की मांग की, ताकि पिछड़े वर्गों को पंचायत स्तर पर वास्तविक प्रतिनिधित्व मिल सके। इसके अलावा अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण से जुड़ी व्यवस्थाओं को भी पूरी पारदर्शिता के साथ लागू करने पर जोर दिया गया।
पंचायत चुनाव की तैयारियों के तहत राज्य सरकार पंचायतों में आरक्षण व्यवस्था को 2011 की जनगणना के आधार पर तय करने की दिशा में काम कर रही है। इसके साथ ही पंचायतों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की व्यवस्था को भी प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण को और मजबूती मिल सके।
एसआईआर अभियान के तहत प्रदेशभर में मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम बड़े पैमाने पर किया गया है। इसका उद्देश्य पंचायत चुनाव से पहले मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और अद्यतन बनाना है, ताकि चुनाव के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे। बूथ स्तर पर विशेष शिविरों के माध्यम से नए मतदाताओं को जोड़ने और गलत प्रविष्टियों को दुरुस्त करने का काम किया गया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि एसआईआर प्रक्रिया पूरी होते ही सरकार का पूरा फोकस पंचायत चुनाव की तैयारियों पर रहेगा। प्रशासनिक स्तर पर चुनावी मशीनरी को सक्रिय किया जाएगा और सुरक्षा, मतदान केंद्रों की व्यवस्था, प्रशिक्षण और लॉजिस्टिक से जुड़े कामों में तेजी लाई जाएगी।
कुल मिलाकर, ओपी राजभर और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह मुलाकात इस बात का संकेत मानी जा रही है कि उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर सरकार पूरी तरह गंभीर है और आने वाले समय में ग्रामीण लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर तैयारियां देखने को मिलेंगी।




