मुंबई में आगामी बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। इसी कड़ी में महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन (भाजपा, शिवसेना-शिंदे गुट और एनसीपी) ने अपना घोषणापत्र जारी कर मुंबईवासियों से बड़े-बड़े वादे किए हैं। इस घोषणापत्र में मुंबई को झुग्गी-झोपड़ी मुक्त शहर बनाने, आम लोगों को बिना ब्याज लोन देने और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने जैसे अहम ऐलान शामिल हैं। महायुति नेताओं ने कहा कि उनका लक्ष्य मुंबई को एक स्वच्छ, सुरक्षित, आधुनिक और समृद्ध महानगर के रूप में विकसित करना है, जहां हर नागरिक को बेहतर जीवन स्तर मिल सके।
घोषणापत्र में सबसे बड़ा वादा झुग्गी-झोपड़ी मुक्त मुंबई का है। इसके तहत शहर के स्लम इलाकों का पुनर्विकास कर वहां रहने वाले लोगों को पक्के और किफायती घर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही महायुति ने 35 लाख नए आवासीय मकानों के निर्माण का लक्ष्य रखा है, ताकि बढ़ती आबादी के लिए पर्याप्त आवास उपलब्ध हो सके। आम नागरिकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए छोटे व्यापारियों, युवाओं और श्रमिकों को पांच लाख रुपये तक का बिना ब्याज लोन देने का भी वादा किया गया है, जिससे वे स्वरोजगार शुरू कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें।
महिलाओं को ध्यान में रखते हुए घोषणापत्र में BEST बसों में 50 प्रतिशत किराया छूट देने की घोषणा की गई है, ताकि उनकी यात्रा सस्ती और सुविधाजनक हो सके। इसके अलावा शहर को बाढ़ मुक्त बनाने के लिए आधुनिक जल निकासी व्यवस्था, सड़कों और पायाभूत ढांचे के विकास पर भी विशेष जोर दिया गया है। महायुति ने यह भी आश्वासन दिया है कि आने वाले पांच वर्षों तक पानी के टैक्स में कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी, जिससे आम मुंबईकरों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
घोषणापत्र में स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, सार्वजनिक परिवहन और डिजिटल सुविधाओं को मजबूत करने की योजनाओं का भी जिक्र किया गया है। महायुति नेताओं का कहना है कि मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है और इसे विश्वस्तरीय शहर बनाने के लिए बड़े स्तर पर निवेश और विकास कार्य किए जाएंगे। कुल मिलाकर, महायुति का यह घोषणापत्र मुंबई को झुग्गी-झोपड़ी मुक्त, सुरक्षित, सुविधाजनक और आत्मनिर्भर बनाने के विजन को दर्शाता है, जिसके दम पर गठबंधन बीएमसी चुनाव में जनता का भरोसा जीतने की कोशिश कर रहा है।




