आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद मंदी से दूर है दुनिया: IMF प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा

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वैश्विक अर्थव्यवस्था मौजूदा व्यापार झटकों और बढ़ती अनिश्चितताओं के बावजूद अपेक्षा से बेहतर प्रदर्शन कर रही है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने कहा है कि हालिया वैश्विक व्यापार तनाव, टैरिफ नीतियों और भू-राजनीतिक अस्थिरता के बावजूद विश्व अर्थव्यवस्था ने उल्लेखनीय लचीलापन दिखाया है। उनके अनुसार, आगामी वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया जाएगा कि वैश्विक विकास दर में गिरावट उतनी गहरी नहीं रही, जितनी पहले आशंका जताई जा रही थी। IMF का अनुमान है कि 2025 में वैश्विक विकास दर लगभग 3.2 प्रतिशत और 2026 में करीब 3.1 प्रतिशत रह सकती है, जो यह दर्शाता है कि आर्थिक गतिविधियां अब भी संतुलित बनी हुई हैं।

हालांकि जॉर्जीवा ने यह भी चेतावनी दी कि जोखिम पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं। व्यापार नीति में अस्थिरता, अंतरराष्ट्रीय टैरिफ युद्ध, आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और भू-राजनीतिक तनाव वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बने हुए हैं। कई देशों में निवेश निर्णय प्रभावित हो रहे हैं और व्यापार वृद्धि की गति धीमी पड़ी है। इसके बावजूद, IMF का मानना है कि वर्तमान स्थिति मंदी की ओर इशारा नहीं करती, बल्कि यह एक जटिल और अनिश्चित आर्थिक माहौल है, जिसमें देशों को आपसी सहयोग और संवाद बढ़ाने की जरूरत है।

विश्व बैंक का भी मानना है कि 2026 में वैश्विक आर्थिक वृद्धि लगभग 2.6 प्रतिशत के आसपास बनी रह सकती है। अमेरिका और कुछ विकसित अर्थव्यवस्थाओं का अपेक्षाकृत मजबूत प्रदर्शन वैश्विक वृद्धि को सहारा दे रहा है, हालांकि कई विकासशील देशों में अब भी गरीबी, कम आय और कमजोर निवेश जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं। विश्व आर्थिक मंच की रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले वर्षों में आर्थिक टकराव और व्यापार संघर्ष दुनिया के लिए सबसे बड़ा जोखिम बन सकते हैं। कुल मिलाकर, वैश्विक अर्थव्यवस्था फिलहाल स्थिर बनी हुई है, लेकिन आगे की राह में सतर्क नीति-निर्माण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग बेहद आवश्यक होगा।

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