राजनयिक रिश्तों पर असर: कनाडा ने भारत यात्रा को लेकर अपने नागरिकों को किया सतर्क

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प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के प्रस्तावित भारत दौरे से पहले कनाडा सरकार द्वारा जारी की गई नई यात्रा एडवाइजरी ने दोनों देशों के बीच एक नया राजनयिक विवाद खड़ा कर दिया है। कनाडा ने अपने नागरिकों को भारत की यात्रा के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह देते हुए भारत को अपनी “उच्च सतर्कता सूची” में शामिल किया है। इस फैसले को ऐसे समय में लिया गया है जब भारत और कनाडा के बीच रिश्तों को फिर से सामान्य बनाने की कोशिशें की जा रही थीं।

कनाडा के विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर जारी की गई इस एडवाइजरी में कहा गया है कि कुछ देशों में यात्रा के दौरान राजनीतिक अस्थिरता, नागरिक अशांति, सुरक्षा जोखिम, उड़ानों में व्यवधान और सीमित कांसुलर सहायता जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसी आधार पर भारत को भी उन देशों की श्रेणी में रखा गया है, जहां यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता बताई गई है। हालांकि कनाडा ने भारत के लिए पूर्ण यात्रा प्रतिबंध नहीं लगाया है, लेकिन इसे उच्च सतर्कता की श्रेणी में रखना कई सवाल खड़े कर रहा है।

इस कदम को भारत में कूटनीतिक दृष्टिकोण से असंवेदनशील माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत जैसे लोकतांत्रिक और स्थिर देश को उन देशों के साथ एक ही श्रेणी में रखना, जहां गंभीर सुरक्षा संकट और गृह संघर्ष जैसी स्थितियां हैं, उचित नहीं है। इससे दोनों देशों के रिश्तों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है, खासकर तब जब प्रधानमंत्री मार्क कार्नी का भारत दौरा दोनों देशों के बीच संवाद और सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रस्तावित माना जा रहा था।

भारत और कनाडा के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहे हैं। खास तौर पर 2023 में कनाडा में खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया था। इसके बाद से राजनयिक स्तर पर कई बार तल्ख बयानबाजी भी देखने को मिली। ऐसे माहौल में कनाडा की नई यात्रा एडवाइजरी को पुराने विवादों से जोड़कर देखा जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला कनाडा की घरेलू राजनीति और अंतरराष्ट्रीय दबावों से भी जुड़ा हो सकता है। वहीं, भारत में इसे एकतरफा और पक्षपातपूर्ण कदम बताया जा रहा है। भारत का मानना है कि देश में विदेशी पर्यटकों और नागरिकों के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था मौजूद है और दुनिया भर से लाखों लोग हर साल बिना किसी परेशानी के भारत की यात्रा करते हैं।

कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के भारत दौरे से पहले जारी की गई यह यात्रा एडवाइजरी दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव को और गहरा कर सकती है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में कूटनीतिक स्तर पर इस मुद्दे को कैसे सुलझाया जाता है और क्या यह दौरा दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा देने में सफल हो पाता है या नहीं।

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