फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों और टैरिफ चेतावनी के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा है कि फ्रांस और यूरोप यूक्रेन और ग्रीनलैंड को लेकर किसी भी तरह की धमकी या दबाव से डरने वाले नहीं हैं। मैक्रों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में धमकियों की कोई जगह नहीं है और संप्रभुता, लोकतंत्र और अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों से समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने दो टूक कहा कि फ्रांस अपने मूल्यों और सहयोगियों के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा।
डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ऐलान किया था कि यूरोप के कई देशों से अमेरिका जाने वाले सामानों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा। ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी कि अगर ग्रीनलैंड को लेकर उनकी शर्तों पर कोई समझौता नहीं हुआ तो यह टैरिफ आगे चलकर 25 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है। ट्रंप का तर्क है कि यह कदम अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक स्थिरता के हित में जरूरी है, क्योंकि ग्रीनलैंड रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र है और इसमें रूस व चीन की भी रुचि बताई जाती रही है।
मैक्रों ने इन धमकियों को “अस्वीकार्य” करार देते हुए कहा कि किसी भी देश को आर्थिक दबाव या टैरिफ के जरिए झुकाने की कोशिश गलत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि फ्रांस यूक्रेन के समर्थन में अपने रुख पर कायम रहेगा और ग्रीनलैंड को लेकर डेनमार्क की संप्रभुता का भी पूरा सम्मान करता है। इसी क्रम में फ्रांस ने आर्कटिक क्षेत्र में डेनमार्क के साथ सुरक्षा अभ्यास में भाग लेने का फैसला किया है, जिसे यूरोप की सामूहिक सुरक्षा का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद यूरोप में भी एकजुटता के संकेत देखने को मिले हैं। यूरोपीय संघ के कई नेताओं ने कहा है कि अगर अमेरिका ने टैरिफ बढ़ाने का फैसला किया तो यूरोप संयुक्त रूप से इसका जवाब देगा। ब्रिटेन और अन्य यूरोपीय देशों ने भी संकेत दिए हैं कि सहयोगी देशों पर आर्थिक दबाव बनाना ट्रांसअटलांटिक रिश्तों को कमजोर कर सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि ग्रीनलैंड और यूक्रेन जैसे मुद्दों पर बढ़ता तनाव न केवल यूरोप-अमेरिका संबंधों को प्रभावित कर सकता है, बल्कि नाटो जैसे सुरक्षा गठबंधनों के भीतर भी मतभेद पैदा कर सकता है। ऐसे में मैक्रों का यह बयान यूरोप की सामूहिक नीति और आत्मनिर्भर कूटनीति का संकेत माना जा रहा है, जिसमें वह किसी भी बाहरी दबाव के सामने झुकने के लिए तैयार नहीं है।




