भारत-यूएई संबंधों को नई दिशा: राष्ट्रपति अल नाहयान की अहम भारत यात्रा आज से शुरू

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संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष निमंत्रण पर भारत की आधिकारिक यात्रा पर नई दिल्ली पहुंच रहे हैं। राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनकी भारत की तीसरी आधिकारिक यात्रा है, जबकि पिछले एक दशक में वह पांचवीं बार भारत का दौरा कर रहे हैं। यह यात्रा ऐसे समय पर हो रही है जब भारत और यूएई के बीच रणनीतिक, आर्थिक और ऊर्जा सहयोग लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

भारत और यूएई के बीच मजबूत और भरोसेमंद साझेदारी को और आगे बढ़ाने के उद्देश्य से यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राष्ट्रपति अल नाहयान और प्रधानमंत्री मोदी के बीच द्विपक्षीय वार्ता में व्यापार, निवेश, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग, तकनीक, डिजिटल इनोवेशन और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा दोनों देशों के बीच चल रहे व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) के तहत व्यापार और निवेश को और गति देने पर भी बातचीत की जाएगी।

सूत्रों के मुताबिक, इस दौरे के दौरान भारत और यूएई के बीच कुछ अहम समझौतों पर सहमति बन सकती है, जिससे दोनों देशों के कारोबारी और निवेशकों को नए अवसर मिलेंगे। हाल के वर्षों में भारत और यूएई के रिश्ते केवल पारंपरिक व्यापार तक सीमित नहीं रहे हैं, बल्कि रणनीतिक साझेदारी, रक्षा सहयोग, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा, स्टार्टअप और फिनटेक जैसे क्षेत्रों में भी मजबूत हुए हैं।

गौरतलब है कि भारत और यूएई के रिश्ते दशकों पुराने हैं और 1972 में दोनों देशों के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध स्थापित हुए थे। बीते कुछ वर्षों में दोनों देशों के नेतृत्व के बीच मजबूत व्यक्तिगत तालमेल ने इन संबंधों को नई दिशा दी है। यूएई भारत का प्रमुख व्यापारिक साझेदार है और खाड़ी क्षेत्र में भारत का सबसे बड़ा आर्थिक सहयोगी भी माना जाता है।

कुल मिलाकर, राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की यह भारत यात्रा भारत-यूएई संबंधों को और अधिक मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक, रणनीतिक और कूटनीतिक सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है।

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