नए ग्रामीण रोजगार कानून पर बवाल, शिवराज ने कहा – कांग्रेस कर रही है जनता को गुमराह

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केंद्र सरकार के नए ग्रामीण रोजगार कानून VB-G RAM G (Viksit Bharat–Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission–Gramin) Act को लेकर देशभर में सियासी घमासान मचा हुआ है। इस मुद्दे पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि विपक्ष जानबूझकर कानून के बारे में झूठ फैला रहा है और ग्रामीण जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि कांग्रेस यह भ्रम पैदा कर रही है कि नया कानून मनरेगा को खत्म कर देगा और गरीबों से “काम का अधिकार” छीन लिया जाएगा, जबकि सच्चाई इसके बिल्कुल उलट है।

शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि VB-G RAM G Act मौजूदा मनरेगा कानून की जगह लेने वाला एक नया और अधिक व्यापक कानून है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी को और मजबूत करना है। सरकार के मुताबिक, इस कानून के तहत हर ग्रामीण परिवार को साल में 125 दिन का वैधानिक रोजगार देने का प्रावधान किया गया है, जो मनरेगा के मौजूदा 100 दिनों की गारंटी से अधिक है। इसके अलावा यदि तय समय में काम नहीं मिलता है तो 15 दिनों के भीतर बेरोजगारी भत्ता देने का भी प्रावधान रखा गया है। मंत्री ने कहा कि नया कानून सभी पंचायतों में लागू होगा और इससे राज्यों पर किसी तरह का अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।

मंत्री ने यह भी याद दिलाया कि पिछले दस वर्षों में मनरेगा के तहत करीब नौ लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जिनमें से बड़ी राशि मोदी सरकार के कार्यकाल में खर्च हुई है। इससे यह साफ होता है कि केंद्र सरकार ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन को लेकर गंभीर है। शिवराज सिंह चौहान का आरोप है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे वरिष्ठ नेता जनता के बीच यह गलत संदेश दे रहे हैं कि नया कानून गरीबों के हितों के खिलाफ है, जबकि सरकार का दावा है कि इससे ग्रामीण रोजगार व्यवस्था पहले से ज्यादा मजबूत और पारदर्शी बनेगी।

दूसरी ओर कांग्रेस ने इस कानून के विरोध में “मनरेगा बचाओ संघर्ष” नाम से देशव्यापी अभियान शुरू कर दिया है। पार्टी का कहना है कि VB-G RAM G Act मनरेगा के अधिकार आधारित ढांचे को कमजोर करता है और इससे ग्रामीण गरीबों की आजीविका पर नकारात्मक असर पड़ेगा। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने इस बिल को संसद में जल्दबाजी में पारित कराया और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नजरअंदाज किया। पार्टी नेताओं का तर्क है कि नाम बदलने के साथ-साथ काम के अधिकार की मूल भावना को भी कमजोर किया जा रहा है।

इस तरह VB-G RAM G Act को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। एक तरफ केंद्र सरकार इसे ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक कदम बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे गरीबों के अधिकारों पर हमला करार दे रही है। मनरेगा और नए कानून को लेकर यह राजनीतिक टकराव आने वाले दिनों में और तेज होने के आसार हैं, क्योंकि यह मुद्दा सीधे तौर पर ग्रामीण भारत की आजीविका और रोजगार से जुड़ा हुआ है।

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