फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर भारत पहुंचे हैं, जहां उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से होगी। इस दौरे को भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों नेता व्यापक द्विपक्षीय वार्ता के दौरान रक्षा सहयोग, व्यापार, प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग और वैश्विक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगे। यह यात्रा दोनों देशों के दीर्घकालिक सहयोग को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।
वार्ता का सबसे अहम विषय रक्षा क्षेत्र से जुड़ा है। सूत्रों के अनुसार, फ्रांस से अतिरिक्त राफेल लड़ाकू विमानों की संभावित खरीद और ‘मेक इन इंडिया’ के तहत उनके उत्पादन पर चर्चा हो सकती है। इसके अलावा रक्षा उपकरणों के संयुक्त निर्माण, तकनीकी हस्तांतरण और समुद्री सुरक्षा सहयोग को भी एजेंडे में शामिल किया गया है। दोनों देशों के बीच पहले से मजबूत रक्षा संबंधों को और गहरा करने की दिशा में ठोस प्रगति की उम्मीद जताई जा रही है।
दौरे के दौरान दोनों नेता ‘होराइज़न 2047’ जैसे दीर्घकालिक रणनीतिक रोडमैप पर भी विचार करेंगे, जिसका उद्देश्य भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक द्विपक्षीय साझेदारी को नए आयाम देना है। व्यापार और निवेश बढ़ाने, स्टार्टअप एवं नवाचार क्षेत्र में सहयोग मजबूत करने तथा ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास के क्षेत्रों में संयुक्त पहल पर भी बातचीत होने की संभावना है।
इसी क्रम में राष्ट्रपति मैक्रों भारत में आयोजित ‘AI इम्पैक्ट समिट 2026’ में भी भाग लेंगे, जहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जिम्मेदार और सुरक्षित उपयोग पर वैश्विक स्तर पर विचार-विमर्श किया जाएगा। भारत और फ्रांस तकनीकी नवाचार और डिजिटल सहयोग को भविष्य की साझेदारी का प्रमुख आधार मानते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा केवल औपचारिक कूटनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी साझेदारी को दीर्घकालिक मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।




