मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद एक्शन, जन शिकायतों पर अब होगी लाइव मॉनिटरिंग

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उत्तर प्रदेश में डीएम और एसएसपी की जनसुनवाई व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नाराजगी के बाद प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जनसुनवाई में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि सभी जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रत्येक कार्यदिवस सुबह 10 बजे से 12 बजे तक अपने कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर आम जनता की शिकायतें सुनें और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें। यह भी स्पष्ट किया गया है कि अधिकारी निर्धारित समय पर कार्यालय पहुंचें और किसी भी स्थिति में जनसुनवाई को औपचारिकता बनाकर न निभाएं।

नई व्यवस्था के तहत मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) द्वारा जनसुनवाई की प्रक्रिया की सीधी निगरानी की जाएगी। अधिकारियों को सुबह 9:45 बजे तक कार्यालय पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी, ताकि समय पर जनसुनवाई शुरू हो सके। सरकार ने यह भी साफ किया है कि मोबाइल फोन या किसी अन्य स्थान से वर्चुअल रूप से जुड़कर जनसुनवाई करने की अनुमति नहीं होगी। शिकायतों के निस्तारण में देरी, उदासीनता या अनदेखी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

राज्य सरकार का मानना है कि इस कदम से प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ेगी और जनता की समस्याओं का समाधान अधिक प्रभावी तरीके से हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने पहले भी समीक्षा बैठकों में स्पष्ट किया है कि जन शिकायतों के प्रति संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई शासन की प्राथमिकता है। नए आदेशों के माध्यम से सरकार ने यह संदेश दिया है कि जनता से सीधा संवाद और शिकायतों का समयबद्ध निपटारा प्रशासनिक व्यवस्था का अनिवार्य हिस्सा है।

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