अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान के बीच वर्ष 2025 में उत्पन्न सैन्य तनाव को लेकर बड़ा दावा किया है। अपने हालिया संबोधन में ट्रंप ने कहा कि उस समय दोनों परमाणु संपन्न देशों India और Pakistan के बीच स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी और मामला व्यापक युद्ध की ओर बढ़ रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उन्होंने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया होता, तो हालात विनाशकारी हो सकते थे और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif की जान तक खतरे में पड़ सकती थी। ट्रंप के अनुसार, उनका दखल लाखों लोगों की जान बचाने में निर्णायक साबित हुआ।
ट्रंप ने अपने भाषण में यह भी उल्लेख किया कि उन्होंने दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक दबाव और व्यापारिक कदमों का सहारा लिया। उनका दावा है कि उन्होंने कड़े आर्थिक उपायों की चेतावनी देकर स्थिति को नियंत्रित किया और संभावित बड़े युद्ध को टाल दिया। हालांकि, इस दावे को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
भारत की ओर से पहले भी स्पष्ट किया जा चुका है कि भारत-पाकिस्तान से जुड़े मुद्दे द्विपक्षीय हैं और किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार नहीं की जाती। वहीं पाकिस्तान के कुछ राजनीतिक और मीडिया हलकों में ट्रंप के दावों को सकारात्मक रूप से प्रस्तुत किया गया है। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर दक्षिण एशिया की सुरक्षा स्थिति और वैश्विक शक्तियों की भूमिका पर चर्चा तेज कर दी है। ट्रंप का यह ताजा बयान क्षेत्रीय कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के संदर्भ में नई बहस को जन्म दे रहा है।




