विकास की रफ्तार बढ़ाने के लिए योगी सरकार का मास्टर प्लान, 37 प्रस्ताव पास

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लखनऊ: योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार ने विकास, खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा और औद्योगिक निवेश से जुड़े कई अहम फैसलों को मंजूरी दी। इस बैठक में कुल 37 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और आम जनता को राहत पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं। सरकार ने इस बार भी बहु-क्षेत्रीय सुधारों पर ध्यान केंद्रित किया, जिसमें खाद्य आपूर्ति व्यवस्था, ऊर्जा प्रबंधन और औद्योगिक विकास प्रमुख रूप से शामिल रहे।

कैबिनेट के निर्णयों में खाद्य क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत गेहूं खरीद नीति को मजबूत करने और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को अधिक प्रभावी बनाने जैसे कदमों को मंजूरी दी गई, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके और जरूरतमंदों तक खाद्यान्न की आपूर्ति सुचारु रूप से पहुंच सके। वहीं ऊर्जा क्षेत्र में भी आपूर्ति और प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए नीतिगत फैसले लिए गए हैं, ताकि बिजली और ईंधन की उपलब्धता में किसी प्रकार की बाधा न आए और उपभोक्ताओं को स्थिर सेवाएं मिलती रहें।

औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “निजी बिजनेस पार्क योजना” जैसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत पीपीपी मॉडल पर आधुनिक औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे। इस पहल से निवेशकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी और राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही औद्योगिक नीतियों में संशोधन कर निवेश प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने पर भी जोर दिया गया है, ताकि अधिक से अधिक निवेश आकर्षित किया जा सके।

इसके अलावा कैबिनेट बैठक में बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक क्लस्टर, लॉजिस्टिक्स हब और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने की योजना को आगे बढ़ाया गया है। निवेशकों को प्रोत्साहन देने के लिए सब्सिडी और डिजिटल प्रक्रियाओं को मजबूत करने जैसे कदम भी शामिल हैं। इन सभी फैसलों के माध्यम से सरकार का लक्ष्य राज्य में समग्र विकास को बढ़ावा देना, रोजगार के अवसर बढ़ाना और उत्तर प्रदेश को एक मजबूत औद्योगिक और आर्थिक केंद्र के रूप में स्थापित करना है।

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