‘ट्रस्ट-बेस्ड गवर्नेंस’ की ओर कदम, राज्यसभा ने पास किया जन विश्वास बिल

SHARE:

संसद के उच्च सदन राज्यसभा ने जन विश्वास (संशोधन) विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया है, जिससे देश के कानूनी और नियामकीय ढांचे में व्यापक सुधार का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इससे पहले लोकसभा भी इस विधेयक को मंजूरी दे चुकी थी, और अब इसके कानून बनने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। केंद्र सरकार इस विधेयक को “ईज ऑफ लिविंग” और “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मान रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मौके पर कहा कि यह कानून आम नागरिकों और कारोबारियों के जीवन को सरल बनाएगा और अनावश्यक कानूनी बाधाओं को कम करेगा।

जन विश्वास (संशोधन) विधेयक का उद्देश्य देश के विभिन्न कानूनों में मौजूद छोटे-छोटे तकनीकी उल्लंघनों को अपराध की श्रेणी से बाहर करना है। इसके तहत 79 केंद्रीय कानूनों की 784 धाराओं में बदलाव किया जाएगा। इनमें से 717 प्रावधानों को डीक्रिमिनलाइज किया जाएगा, यानी अब इन मामलों में आपराधिक सजा की बजाय आर्थिक दंड या प्रशासनिक कार्रवाई का प्रावधान होगा। इसके अलावा 67 प्रावधानों में संशोधन कर प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाने की कोशिश की गई है। सरकार का मानना है कि इससे न केवल न्यायालयों पर लंबित मामलों का बोझ कम होगा, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी।

यह विधेयक खासतौर पर छोटे कारोबारियों और स्टार्टअप्स के लिए राहत भरा साबित हो सकता है, जिन्हें अक्सर मामूली उल्लंघनों के कारण कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब ऐसे मामलों में जेल की सजा के बजाय जुर्माना या अन्य प्रशासनिक उपाय अपनाए जाएंगे, जिससे कारोबारी माहौल अधिक अनुकूल बनेगा। इसके साथ ही यह पहल ‘ट्रस्ट-बेस्ड गवर्नेंस’ को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जहां सरकार का जोर सख्त दंड की बजाय नियमों के पालन को आसान बनाने पर है।

हालांकि, राज्यसभा में इस विधेयक को लेकर विपक्ष ने कुछ आपत्तियां भी उठाईं। विपक्षी दलों का कहना था कि इतने बड़े बदलाव वाले विधेयक पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए थी और सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए था। इसके बावजूद सरकार ने इसे सुधारों की दिशा में जरूरी कदम बताते हुए पारित कराया।

कुल मिलाकर, जन विश्वास (संशोधन) विधेयक को भारत में कानूनी सुधारों, प्रशासनिक दक्षता और निवेश के माहौल को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में इसके प्रभाव से कारोबार करने में आसानी बढ़ने और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

Leave a Comment