‘असली मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश’, सीट बढ़ाने के प्रस्ताव पर कांग्रेस का वार

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लोकसभा और विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ाने के प्रस्ताव को लेकर देश की राजनीति में विवाद गहरा गया है और इस मुद्दे पर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री Narendra Modi पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने इस पहल को “ध्यान भटकाने की चाल” करार देते हुए आरोप लगाया है कि सरकार असली मुद्दों—जैसे महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक चुनौतियों—से जनता का ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है। दरअसल, केंद्र सरकार लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की सीटों में लगभग 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी पर विचार कर रही है। वर्तमान में Lok Sabha में 543 सीटें हैं, जिन्हें बढ़ाकर 800 से अधिक करने की संभावना जताई जा रही है। इस प्रस्ताव को भविष्य में होने वाले परिसीमन और महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

कांग्रेस का कहना है कि इस तरह का बड़ा निर्णय बिना व्यापक राजनीतिक सहमति और चर्चा के नहीं लिया जाना चाहिए, क्योंकि इससे देश के संघीय ढांचे और राज्यों के बीच प्रतिनिधित्व का संतुलन बिगड़ सकता है। पार्टी नेताओं के अनुसार, सीटों में बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा फायदा अधिक जनसंख्या वाले राज्यों—जैसे उत्तर प्रदेश—को मिल सकता है, जबकि दक्षिण भारत और छोटे राज्यों की हिस्सेदारी अपेक्षाकृत कम हो सकती है। विपक्ष ने यह भी चिंता जताई है कि जिन राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन किया है, उन्हें इस बदलाव के कारण नुकसान उठाना पड़ सकता है।

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन आशंकाओं को खारिज करते हुए भरोसा दिलाया है कि किसी भी राज्य की मौजूदा सीटें कम नहीं की जाएंगी और सभी क्षेत्रों को समान रूप से लाभ पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। सरकार का तर्क है कि सीटों की संख्या बढ़ाने से लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व और मजबूत होगा और बढ़ती आबादी के अनुरूप संसद और विधानसभाओं में लोगों की भागीदारी बेहतर तरीके से सुनिश्चित हो सकेगी। फिलहाल, इस प्रस्ताव को लेकर सियासी बहस तेज है और आने वाले समय में संसद में इस पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है, जिससे यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में और अहम बन सकता है।

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