“जाती, माटी और भेती” पर भाजपा का जोर, अमित शाह ने कांग्रेस को घेरा

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असम में होने वाले विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक माहौल तेजी से गर्माता जा रहा है। चुनाव प्रचार के बीच सभी प्रमुख दल जनता को लुभाने में जुटे हैं और आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है। इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने बराक घाटी में आयोजित एक विशाल चुनावी रैली में कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि Indian National Congress ने वर्षों तक वोट बैंक की राजनीति के लिए अवैध घुसपैठियों को संरक्षण दिया, जिससे असम की सांस्कृतिक पहचान और जनसांख्यिकीय संतुलन प्रभावित हुआ।

अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान बराक घाटी की लगातार उपेक्षा हुई और इस क्षेत्र को विकास से वंचित रखा गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने जानबूझकर घुसपैठ के मुद्दे को नजरअंदाज किया, ताकि उसे चुनावी फायदा मिल सके। शाह ने कहा कि Bharatiya Janata Party (भाजपा) इस तरह की राजनीति के खिलाफ है और वह असम की “जाती, माटी और भेती” की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

अपने भाषण के दौरान अमित शाह ने यह स्पष्ट किया कि भाजपा की नीति किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी का विरोध केवल अवैध घुसपैठियों से है, न कि राज्य के मूल निवासियों या स्वदेशी मुसलमानों से। यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष भाजपा पर समाज को बांटने की राजनीति करने का आरोप लगा रहा है। शाह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा विकास और सुरक्षा की राजनीति में विश्वास रखती है।

बराक घाटी, जिसमें कछार, करीमगंज और हैलाकांडी जिले शामिल हैं, चुनावी दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है। यहां बड़ी संख्या में बंगाली भाषी और मुस्लिम मतदाता हैं, जो चुनावी परिणामों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। यही वजह है कि सभी राजनीतिक दल इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए विशेष रणनीति अपना रहे हैं।

दूसरी ओर, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल भाजपा पर ध्रुवीकरण की राजनीति करने का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए संवेदनशील मुद्दों को उछाल रही है। हालांकि भाजपा इन आरोपों को सिरे से खारिज कर रही है और विकास, सुरक्षा तथा सुशासन को अपने मुख्य चुनावी मुद्दे बता रही है।

कुल मिलाकर, असम विधानसभा चुनाव 2026 में घुसपैठ, पहचान और विकास जैसे मुद्दे प्रमुखता से उभरकर सामने आए हैं। बराक घाटी में अमित शाह के बयान ने चुनावी बहस को और तीखा कर दिया है, जिससे आने वाले दिनों में राजनीतिक माहौल और अधिक गरमाने की संभावना है। यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता इन मुद्दों पर किसे अपना समर्थन देती है।

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