तमिलनाडु के कोयंबटूर में आयोजित एक जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi ने महिला सशक्तिकरण और महिला आरक्षण के मुद्दे पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाना देश के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण से जुड़ा ऐतिहासिक कानून पारित किया है, जो संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भावनात्मक लहजे का भी इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि वे देश के लोगों के बीच आकर उनके दुख-दर्द को साझा करना चाहते हैं और उनकी भावनाओं को समझना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग, खासकर महिलाओं के जीवन में वास्तविक बदलाव लाना है। कोयंबटूर की जनता से संवाद करते हुए उन्होंने खुद को जनता का सेवक बताते हुए कहा कि वह हमेशा लोगों के बीच रहकर उनकी समस्याओं को सुनना और उनका समाधान करना चाहते हैं।
महिला आरक्षण कानून का जिक्र करते हुए Narendra Modi ने इसे ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के रूप में देश की महिलाओं को समर्पित बताया। उन्होंने कहा कि इस कानून से महिलाओं को राजनीतिक निर्णय प्रक्रिया में अधिक अवसर मिलेंगे और उनकी आवाज़ संसद और विधानसभाओं में और मजबूत होगी। प्रधानमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दलों ने वर्षों तक इस मुद्दे को लंबित रखा, जबकि उनकी सरकार ने इसे प्राथमिकता देकर ऐतिहासिक निर्णय लिया।
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु के विकास और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे, उद्योग, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में केंद्र सरकार लगातार राज्य के विकास के लिए काम कर रही है। उन्होंने स्थानीय संस्कृति और परंपराओं की सराहना करते हुए कहा कि तमिलनाडु देश की समृद्ध विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने महिलाओं की भूमिका को समाज और अर्थव्यवस्था के हर क्षेत्र में अहम बताते हुए कहा कि जब महिलाएं आगे बढ़ती हैं, तो पूरा देश आगे बढ़ता है। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे अवसरों का लाभ उठाएं और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
कुल मिलाकर, कोयंबटूर में प्रधानमंत्री का यह संबोधन महिला सशक्तिकरण, भावनात्मक जुड़ाव और विकास के एजेंडे पर केंद्रित रहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य एक ऐसा भारत बनाना है, जहां महिलाएं हर क्षेत्र में बराबरी के साथ आगे बढ़ें और देश की प्रगति में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।




