असम में विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद Bharatiya Janata Party एक बार फिर सत्ता में वापसी की ओर बढ़ रही है। मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma के नेतृत्व में एनडीए ने लगातार तीसरी बार स्पष्ट बहुमत हासिल किया है, जिससे राज्य में भाजपा का राजनीतिक वर्चस्व और मजबूत हो गया है। सरकार गठन की प्रक्रिया के तहत सरमा आज Lakshman Prasad Acharya से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंपेंगे, जो संवैधानिक परंपरा का हिस्सा है ताकि नई सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त हो सके।
चुनाव परिणामों के अनुसार, 126 सदस्यीय विधानसभा में National Democratic Alliance ने लगभग 102 सीटों पर जीत दर्ज कर बहुमत हासिल किया है, जिसमें भाजपा ने अकेले 80 से अधिक सीटें जीतकर अपनी मजबूत स्थिति कायम रखी है। यह जीत इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि आमतौर पर सत्ता विरोधी लहर के बावजूद भाजपा ने लगातार तीसरी बार जनादेश प्राप्त किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस सफलता के पीछे मुख्यमंत्री सरमा का नेतृत्व, संगठन की मजबूत रणनीति और जमीनी स्तर पर प्रभावी चुनाव प्रबंधन प्रमुख कारण रहे हैं।
इस्तीफे के बाद अगला कदम नई सरकार बनाने का दावा पेश करना होगा, जिसके लिए पार्टी ने केंद्रीय स्तर पर भी तैयारियां तेज कर दी हैं। Jagat Prakash Nadda को विधायक दल के नेता के चयन के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकों का दौर जारी है। जैसे ही औपचारिकताएं पूरी होंगी, राज्यपाल द्वारा नई सरकार के गठन का निमंत्रण दिया जाएगा और हिमंत बिस्वा सरमा के फिर से मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की संभावना है।
कुल मिलाकर, असम में भाजपा की यह लगातार तीसरी जीत राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखी जा रही है। इससे न केवल पार्टी की पकड़ मजबूत हुई है, बल्कि आने वाले समय में सरकार की नीतियों और विकास कार्यों को लेकर भी उम्मीदें बढ़ गई हैं।



