राजनाथ सिंह का चेतावनी भरा संदेश- भारत की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं

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ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने भारतीय सशस्त्र बलों के शौर्य और पराक्रम को सलाम करते हुए पाकिस्तान और आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश दिया। जयपुर में आयोजित संयुक्त कमांडर्स सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ केवल चेतावनी देने वाला देश नहीं रहा, बल्कि जरूरत पड़ने पर सीमा पार जाकर भी जवाब देने की क्षमता रखता है। रक्षा मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि किसी ने भारत की ओर आंख उठाने की कोशिश की तो उसे सरहद के उस पार भी नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को यह दिखा दिया कि भारत अपनी संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा।

रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर को भारत की राष्ट्रीय इच्छाशक्ति, सैन्य तैयारी और आधुनिक रणनीतिक क्षमता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक सैन्य अभियान नहीं था, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की नई नीति और निर्णायक सोच का उदाहरण था। इस दौरान उन्होंने भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के बीच बेहतर समन्वय की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक युद्ध में तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र की भूमिका लगातार बढ़ रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत तेजी से आत्मनिर्भर रक्षा तकनीक और आधुनिक युद्ध प्रणाली विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है ताकि भविष्य की चुनौतियों का प्रभावी तरीके से सामना किया जा सके।

ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत 6-7 मई 2025 की रात को हुई थी। यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद की गई थी, जिसमें भारत ने पाकिस्तान स्थित आतंकी ढांचों और प्रशिक्षण केंद्रों को निशाना बनाते हुए सटीक सैन्य कार्रवाई की थी। भारतीय वायुसेना ने इस अभियान की पहली वर्षगांठ पर एक विशेष वीडियो भी जारी किया, जिसमें ऑपरेशन के दौरान आतंकी ठिकानों पर की गई कार्रवाई और भारतीय जवानों के साहस को दिखाया गया। वायुसेना ने अपने संदेश में कहा कि भारत न तो कुछ भूलता है और न ही आतंकवाद को माफ करता है। इसे भारत की सख्त राष्ट्रीय सुरक्षा नीति और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस रणनीति के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की सेना हर चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है और देश की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जवानों के साहस और बलिदान को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ नई रणनीति और निर्णायक कार्रवाई के रास्ते पर आगे बढ़ चुका है।

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