टेक सेक्टर में फिर हड़कंप, Meta ने बड़े Layoff का किया ऐलान

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सोशल मीडिया और टेक्नोलॉजी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी Meta ने एक बार फिर बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी का फैसला लिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी करीब 8,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने जा रही है, जो उसके कुल कार्यबल का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा माना जा रहा है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर रिकॉर्ड स्तर का निवेश कर रही है और CEO Mark Zuckerberg कंपनी को तेजी से AI-केंद्रित मॉडल की ओर ले जा रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, Meta ने 2026 में AI इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर, सुपरकंप्यूटिंग और जनरेटिव AI तकनीकों पर भारी निवेश की योजना बनाई है। कंपनी का फोकस अब स्मार्ट AI मॉडल, डिजिटल असिस्टेंट और भविष्य की “सुपरइंटेलिजेंस” तकनीक के विकास पर है। माना जा रहा है कि इसी रणनीति के तहत कंपनी अपने संगठनात्मक ढांचे को छोटा लेकिन अधिक प्रभावी बनाना चाहती है, ताकि खर्चों को नियंत्रित करते हुए AI प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता दी जा सके।

रिपोर्ट्स में बताया गया है कि छंटनी की प्रक्रिया मई के दूसरे हिस्से से शुरू हो सकती है। कंपनी प्रबंधन का कहना है कि Meta अब “लीन और फास्ट” कार्यप्रणाली अपनाना चाहती है, जिसमें छोटी टीमें ज्यादा तेजी और दक्षता के साथ काम कर सकें। हाल ही में कंपनी की तिमाही बैठक में मार्क जुकरबर्ग ने संकेत दिए थे कि AI आने वाले समय में कई कार्यों को कम लागत और कम समय में पूरा करने में सक्षम होगा, जिसके चलते पारंपरिक कॉर्पोरेट संरचना में बदलाव जरूरी हो गया है।

हालांकि Meta ने आधिकारिक रूप से यह नहीं कहा है कि केवल AI की वजह से नौकरियां खत्म की जा रही हैं, लेकिन टेक इंडस्ट्री के विशेषज्ञ इसे AI ऑटोमेशन और बढ़ते तकनीकी निवेश से जोड़कर देख रहे हैं। माना जा रहा है कि कंपनी अपने खर्चों को संतुलित करने और भविष्य की AI परियोजनाओं के लिए संसाधन जुटाने के उद्देश्य से कर्मचारियों की संख्या घटा रही है।

कंपनी ने प्रभावित कर्मचारियों के लिए सेवरेंस पैकेज की भी घोषणा की है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका में नौकरी गंवाने वाले कर्मचारियों को कई सप्ताह का बेस पे दिया जाएगा, साथ ही कंपनी कुछ समय तक स्वास्थ्य बीमा जैसी सुविधाएं भी जारी रखेगी। Meta का कहना है कि कर्मचारियों को ट्रांजिशन के दौरान आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी।

दरअसल, Meta पिछले कुछ वर्षों से लगातार अपनी कारोबारी रणनीति में बदलाव कर रही है। पहले कंपनी ने “मेटावर्स” प्रोजेक्ट पर अरबों डॉलर खर्च किए थे, लेकिन उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिलने के बाद अब उसका पूरा फोकस AI तकनीक पर आ गया है। हाल के महीनों में कंपनी ने कई नए AI टूल्स और AI-सक्षम सेवाओं पर काम तेज किया है।

Meta अकेली ऐसी कंपनी नहीं है जो AI के दौर में बड़े स्तर पर कर्मचारियों की छंटनी कर रही हो। Microsoft, Amazon और Oracle जैसी कई बड़ी टेक कंपनियां भी हाल के समय में हजारों कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि AI तकनीक के तेजी से बढ़ते उपयोग के कारण आने वाले वर्षों में टेक इंडस्ट्री की नौकरियों का स्वरूप काफी बदल सकता है।

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