देशभर में प्याज की गिरती कीमतों से परेशान किसानों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने घोषणा की है कि किसानों से सीधे 1,235 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्याज की खरीद की जाएगी। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि बाजार में कीमतों में भारी गिरावट के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, इसलिए केंद्र सरकार ने हस्तक्षेप करने का निर्णय लिया है। सरकार का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और निर्यात प्रभावित होने के कारण घरेलू बाजार में प्याज की मांग और कीमतों पर असर पड़ा है।
केंद्र सरकार ने प्याज खरीद की जिम्मेदारी National Agricultural Cooperative Marketing Federation of India और National Cooperative Consumers’ Federation of India को सौंपी है। दोनों एजेंसियां मिलकर करीब दो लाख टन प्याज की खरीद करेंगी। खरीद प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और किसानों को भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया जाएगा। सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संचालित की जाए ताकि किसानों को समय पर लाभ मिल सके।
महाराष्ट्र के नासिक, लासलगांव और अन्य प्रमुख प्याज उत्पादक क्षेत्रों में किसानों को पिछले कुछ महीनों से भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। कई मंडियों में प्याज के दाम उत्पादन लागत से भी नीचे पहुंच गए हैं। किसानों का कहना है कि बीज, खाद, मजदूरी, परिवहन और भंडारण की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि बाजार में उन्हें उचित कीमत नहीं मिल पा रही। कई किसान संगठनों ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही यह मांग भी उठाई है कि खरीद मूल्य को और बढ़ाया जाए ताकि किसानों को वास्तविक राहत मिल सके।
सरकार का कहना है कि यह कदम मूल्य स्थिरीकरण कोष के तहत उठाया गया है, जिसका उद्देश्य किसानों को संकट के समय सहारा देना और बाजार में कीमतों को संतुलित बनाए रखना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि खरीद प्रक्रिया प्रभावी तरीके से लागू होती है तो इससे किसानों को तत्काल राहत मिलने के साथ-साथ प्याज बाजार में स्थिरता बनाए रखने में भी मदद मिल सकती है।




