क्यूबा तनाव के बीच अमेरिका का बड़ा सैन्य कदम, कैरेबियन में तैनात हुआ USS Nimitz स्ट्राइक ग्रुप

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अमेरिका और क्यूबा के बीच बढ़ते तनाव के बीच कैरेबियन सागर में अमेरिकी सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं। अमेरिकी नौसेना का शक्तिशाली एयरक्राफ्ट कैरियर USS Nimitz अपने स्ट्राइक ग्रुप के साथ कैरेबियन क्षेत्र में पहुंच गया है। इस तैनाती को वॉशिंगटन की ओर से क्यूबा पर बढ़ते दबाव और क्षेत्र में अपनी सामरिक मौजूदगी मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। अमेरिकी दक्षिणी कमान (SOUTHCOM) ने पुष्टि की है कि यह मिशन क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्री निगरानी और अमेरिकी हितों की रक्षा के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।

USS Nimitz के साथ गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर USS Gridley और सपोर्ट शिप USNS Patuxent भी तैनात किए गए हैं। इस स्ट्राइक ग्रुप में अत्याधुनिक F/A-18E Super Hornet लड़ाकू विमान, EA-18G Growler इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर विमान और कई आधुनिक रक्षा प्रणालियां शामिल हैं। अमेरिकी नौसेना के अनुसार यह तैनाती “Southern Seas 2026” अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत अमेरिका कैरेबियन और लैटिन अमेरिकी क्षेत्र में अपने सहयोगी देशों के साथ संयुक्त सैन्य गतिविधियां और समुद्री सुरक्षा अभियान चला रहा है।

हाल के महीनों में अमेरिका और क्यूबा के संबंधों में तनाव लगातार बढ़ा है। ट्रंप प्रशासन ने क्यूबा सरकार पर सख्त रुख अपनाते हुए नए आर्थिक और राजनीतिक प्रतिबंधों के संकेत दिए हैं। अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि क्यूबा क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ाने वाली गतिविधियों में शामिल है, जबकि हवाना ने हमेशा इन आरोपों को खारिज किया है। इसी बीच अमेरिकी समुद्री निगरानी, टोही उड़ानों और सैन्य अभ्यासों में भी तेजी देखने को मिली है, जिससे कैरेबियन क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि USS Nimitz की तैनाती केवल क्यूबा के लिए चेतावनी नहीं है, बल्कि यह पूरे लैटिन अमेरिकी क्षेत्र को दिया गया एक रणनीतिक संदेश है। अमेरिका पहले से ही वेनेजुएला संकट, ड्रग तस्करी और समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर इस क्षेत्र में सक्रिय रहा है। ऐसे में कैरेबियन में बढ़ती सैन्य मौजूदगी को अमेरिका की व्यापक भू-राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

USS Nimitz अमेरिकी नौसेना के सबसे पुराने और शक्तिशाली विमानवाहक पोतों में शामिल है। यह पोत हाल ही में दक्षिण अमेरिकी देशों के साथ संयुक्त नौसैनिक अभ्यासों में भी हिस्सा ले चुका है। फिलहाल क्यूबा सरकार की ओर से इस तैनाती पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का कहना है कि अगर दोनों देशों के बीच तनाव इसी तरह बढ़ता रहा तो इसका असर पूरे कैरेबियन क्षेत्र की स्थिरता पर पड़ सकता है। दुनिया की नजरें अब अमेरिका की अगली रणनीति और क्यूबा की संभावित प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं।

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