देशभर के करोड़ों परिवारों को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। तेल विपणन कंपनियों ने घरेलू एलपीजी (रसोई गैस) सिलेंडर की कीमत में ₹29 प्रति 14.2 किलोग्राम सिलेंडर की बढ़ोतरी की घोषणा की है। नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। पिछले तीन महीनों के भीतर यह दूसरी बार है जब घरेलू रसोई गैस के दाम बढ़ाए गए हैं। इस फैसले का सीधा असर आम उपभोक्ताओं, विशेषकर मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के मासिक बजट पर पड़ने की संभावना है।
नई कीमतों के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत ₹913 से बढ़कर ₹942 हो गई है। इसी तरह देश के अन्य प्रमुख शहरों में भी सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि की गई है। हालांकि अलग-अलग राज्यों में स्थानीय करों, परिवहन लागत और अन्य शुल्कों के कारण अंतिम कीमतों में थोड़ा अंतर हो सकता है। तेल कंपनियों ने संशोधित दरों को अपने वितरण नेटवर्क और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी अपडेट कर दिया है।
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और एलपीजी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण यह वृद्धि आवश्यक हो गई थी। वैश्विक स्तर पर ऊर्जा उत्पादों की लागत बढ़ने से तेल विपणन कंपनियों पर वित्तीय दबाव बढ़ा है। कंपनियों का कहना है कि लागत और बिक्री मूल्य के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए समय-समय पर कीमतों में संशोधन करना जरूरी होता है। हालांकि सरकार ने उपभोक्ताओं पर पूरी लागत का बोझ नहीं डाला है, फिर भी इस बढ़ोतरी से घरेलू उपभोक्ताओं के खर्च में इजाफा होगा।
रसोई गैस की कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी का असर केवल घरेलू बजट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे महंगाई पर भी कुछ दबाव बढ़ सकता है। भारत में करोड़ों परिवार खाना पकाने के लिए एलपीजी का उपयोग करते हैं और इसकी कीमतों में बदलाव सीधे तौर पर दैनिक जीवन को प्रभावित करता है। पिछले कुछ समय से खाद्य पदार्थों, परिवहन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी वृद्धि देखने को मिली है, ऐसे में गैस सिलेंडर के महंगे होने से लोगों की चिंता बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में कीमतें स्थिर होती हैं तो भविष्य में राहत मिलने की संभावना बन सकती है। फिलहाल उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे अपने शहर की नवीनतम एलपीजी दरों की जानकारी संबंधित गैस एजेंसी या तेल कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त करें। घरेलू गैस की कीमतों में लगातार हो रहे बदलाव पर सरकार और तेल कंपनियों की नजर बनी हुई है तथा आगे की रणनीति वैश्विक बाजार की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तय की जाएगी।




