पश्चिम बंगाल दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए पश्चिम बंगाल की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह वह राज्य है जिसने भारत के इतिहास को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि पश्चिम बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, साहित्य, संगीत, कला, विज्ञान, आध्यात्मिकता और सामाजिक सुधार आंदोलनों ने देश की पहचान को मजबूत किया है। उन्होंने राज्य के लोगों की प्रतिभा, परिश्रम और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान की भी प्रशंसा की।
प्रधानमंत्री ने 20 जून के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि यह दिन पश्चिम बंगाल के इतिहास में विशेष स्थान रखता है। उन्होंने कहा कि 1947 में इसी दिन लिए गए एक महत्वपूर्ण निर्णय ने यह सुनिश्चित किया था कि पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न हिस्सा बना रहे। इस संदर्भ में उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि राज्य को भारत के साथ बनाए रखने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही थी। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि डॉ. मुखर्जी के विचार और राष्ट्र के प्रति उनका समर्पण आज भी प्रेरणा का स्रोत हैं।
अपने संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार राज्य के विकास और जनता की समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास जताया कि पश्चिम बंगाल आने वाले वर्षों में भी देश की प्रगति और विकास यात्रा में अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा। प्रधानमंत्री ने राज्य के लोगों के सुख, समृद्धि और बेहतर भविष्य की कामना करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल की गौरवशाली विरासत आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करती रहेगी।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल दिवस हर वर्ष 20 जून को मनाया जाता है। यह दिन 1947 में बंगाल विधानसभा द्वारा पारित उस ऐतिहासिक प्रस्ताव की स्मृति में मनाया जाता है, जिसने विभाजन के दौरान पश्चिम बंगाल के गठन का मार्ग प्रशस्त किया था। इस अवसर पर राज्य की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को याद किया जाता है तथा विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से उसके योगदान को सम्मान दिया जाता है।




