भारी बारिश से राजधानी की रफ्तार पर ब्रेक, जलभराव और जाम से लोग परेशान

SHARE:

दिल्ली-एनसीआर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने सामान्य जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राजधानी दिल्ली के साथ-साथ नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद के कई इलाकों में भारी जलभराव की स्थिति बन गई है। रातभर हुई तेज बारिश के बाद प्रमुख सड़कें, अंडरपास और निचले इलाके पानी में डूब गए, जिससे लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया। कई स्थानों पर सड़कें तालाब जैसी नजर आईं और वाहनों की रफ्तार थम गई। सुबह के व्यस्त समय में दफ्तर जाने वाले लोगों को घंटों ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा, जबकि कई मार्गों पर प्रशासन को यातायात डायवर्ट करना पड़ा।

बारिश का सबसे अधिक असर दिल्ली के मध्य, दक्षिण और पूर्वी हिस्सों के अलावा नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद में देखने को मिला। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के आसपास, मुनिरका, छतरपुर, गीता कॉलोनी, बदरपुर बॉर्डर, नोएडा सेक्टर-62, गुरुग्राम-दिल्ली एक्सप्रेसवे, एनएच-48 और गाजियाबाद के कई इलाकों में पानी भर जाने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई स्थानों पर कारें और दोपहिया वाहन पानी में फंस गए, जिससे लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य से कहीं अधिक समय लगा। सार्वजनिक परिवहन सेवाएं भी प्रभावित रहीं और कुछ उड़ानों के संचालन पर भी खराब मौसम का असर देखने को मिला।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली के कई हिस्सों के लिए रेड अलर्ट और एनसीआर के कुछ क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भी भारी से बहुत भारी बारिश जारी रह सकती है। मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले इलाकों और अंडरपास से दूर रहने तथा बिजली के खंभों और खुले तारों के आसपास विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

जलभराव की समस्या से निपटने के लिए दिल्ली नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, नोएडा प्राधिकरण, गुरुग्राम नगर निगम और अन्य संबंधित एजेंसियों की टीमें लगातार पानी निकालने और यातायात सामान्य करने में जुटी हैं। कई स्थानों पर पंपिंग मशीनों की मदद से पानी निकाला जा रहा है, जबकि ट्रैफिक पुलिस प्रभावित मार्गों पर वाहनों का संचालन सुचारु बनाए रखने का प्रयास कर रही है। गुरुग्राम प्रशासन ने कुछ निजी संस्थानों और कॉर्पोरेट कार्यालयों को कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम की सुविधा देने की सलाह भी दी है, ताकि सड़कों पर वाहनों का दबाव कम किया जा सके।

लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर दिल्ली-एनसीआर की जलनिकासी व्यवस्था और शहरी बुनियादी ढांचे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हर मानसून की तरह इस बार भी कई प्रमुख सड़कें और निचले इलाके जलभराव की चपेट में आ गए, जिससे लाखों लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने दावा किया है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं जलनिकासी का काम तेज़ी से जारी है।

Leave a Comment