देश पर मानसून की मार, दिल्ली से गुजरात तक जनजीवन प्रभावित; 17 राज्यों में येलो-ऑरेंज-रेड अलर्ट

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देश के कई हिस्सों में सक्रिय मानसून ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। दिल्ली-एनसीआर से लेकर गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश तक लगातार हो रही बारिश के कारण सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई शहरों में जलभराव, यातायात जाम, उड़ानों और रेल सेवाओं में बाधा, पेड़ गिरने तथा निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात देखने को मिले हैं। उत्तर प्रदेश में बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में 19 लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई अन्य राज्यों में भी जान-माल के नुकसान की सूचना मिली है।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बुधवार रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने गुरुवार सुबह तक शहर की रफ्तार थाम दी। प्रमुख सड़कों और अंडरपास में जलभराव के कारण लंबा ट्रैफिक जाम लगा, कई इलाकों में वाहन फंस गए और कुछ स्थानों पर पेड़ गिरने से आवाजाही प्रभावित हुई। मौसम विभाग ने हालात को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया और लोगों को अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी। लगातार बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई, लेकिन नागरिक सुविधाओं पर दबाव बढ़ गया।

गुजरात में भी दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र क्षेत्र में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा दर्ज की गई। कई जिलों में नदियां उफान पर हैं और निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। प्रशासन ने राहत एवं बचाव दलों को तैनात कर संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी तेज कर दी है। लगातार बारिश के कारण सड़क संपर्क और स्थानीय परिवहन भी प्रभावित हुआ है।

उत्तर प्रदेश में बिजली गिरने, मकान गिरने और तेज बारिश से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में 19 लोगों की मौत की सूचना है। कई जिलों में खेतों और निचले इलाकों में पानी भर गया है। राज्य प्रशासन ने जिला अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए हैं। वहीं उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन और सड़क अवरुद्ध होने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे कई मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटों के दौरान 17 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, आंधी और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों में गरज-चमक के साथ वर्षा और कुछ स्थानों पर 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों, नदी-नालों और खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरे देश में सक्रिय हो चुका है और कई क्षेत्रों में वर्षा की कमी तेजी से कम हुई है। हालांकि, सक्रिय मानसूनी प्रणाली के कारण अगले कुछ दिनों तक उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। प्रशासन ने राज्य सरकारों और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रहने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।

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