जांजीबार के राष्ट्रपति और रिवोल्यूशनरी काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. हुसैन अली म्विनी चार दिवसीय आधिकारिक भारत दौरे पर पहुंचे हैं। यह यात्रा भारत और तंजानिया के बीच बढ़ते संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राष्ट्रपति म्विनी के साथ उनकी पत्नी और एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है, जिसमें कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। इस दौरे का उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी, व्यापार, निवेश, शिक्षा और विकास सहयोग को नई गति देना है।
भारत यात्रा के दौरान राष्ट्रपति म्विनी नई दिल्ली में भारत के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। बैठकों में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की जाएगी और भविष्य में सहयोग के नए क्षेत्रों पर चर्चा होगी। बातचीत के प्रमुख विषयों में व्यापार विस्तार, निवेश को बढ़ावा देना, कौशल विकास, शिक्षा, समुद्री सुरक्षा, स्वास्थ्य और विकास परियोजनाओं में साझेदारी शामिल रहने की संभावना है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर भी जांजीबार के राष्ट्रपति से मुलाकात कर दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा करेंगे।
राष्ट्रपति म्विनी की यात्रा का एक प्रमुख कार्यक्रम चेन्नई स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास के दीक्षांत समारोह में शामिल होना रहा। उन्होंने इस अवसर पर भारत और जांजीबार के बीच शिक्षा और तकनीकी सहयोग को बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जांजीबार में स्थापित आईआईटी मद्रास का परिसर दोनों देशों के बीच ज्ञान, नवाचार और मानव संसाधन विकास की साझेदारी का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं की शिक्षा और कौशल विकास में निवेश को लंबे समय तक आर्थिक प्रगति का आधार बताया।
आईआईटी मद्रास का जांजीबार परिसर भारत के किसी भी आईआईटी का पहला विदेशी परिसर है। वर्ष 2023 में शुरू हुआ यह संस्थान भारत-अफ्रीका शैक्षणिक सहयोग का एक बड़ा उदाहरण माना जाता है। इसके माध्यम से जांजीबार और अन्य अफ्रीकी देशों के छात्रों को उच्च स्तरीय तकनीकी शिक्षा और अनुसंधान के अवसर मिल रहे हैं। यह पहल दोनों देशों के बीच शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में रिश्तों को और गहरा करने में मदद कर रही है।
भारत और तंजानिया के संबंध ऐतिहासिक रूप से मजबूत रहे हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में लगातार विस्तार हुआ है। वर्ष 2023 में भारत और तंजानिया ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया था। इसके बाद दोनों देशों ने हिंद महासागर क्षेत्र में सहयोग और वैश्विक दक्षिण के मुद्दों पर साझा प्रयासों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया है।
राष्ट्रपति म्विनी की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब भारत अफ्रीकी देशों के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में सक्रिय है। माना जा रहा है कि इस दौरे से डिजिटल तकनीक, निवेश, ऊर्जा, शिक्षा और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही हिंद महासागर क्षेत्र में भारत और जांजीबार के बीच सहयोग को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।




