प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को नशामुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए राष्ट्रव्यापी ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत संकल्प अभियान’ का शुभारंभ किया। अभियान की शुरुआत करते हुए उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार हो सकता है, जब देश का युवा शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होगा। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। प्रधानमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें। उनके अनुसार, स्वस्थ और जागरूक युवा ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक भागीदारी से ही इसे सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से इस अभियान को जनआंदोलन का रूप देने की अपील करते हुए कहा कि हर नागरिक को नशामुक्त भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। अभियान के शुभारंभ के साथ ही देशभर में बड़ी संख्या में युवाओं ने नशामुक्ति की शपथ ली और समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प दोहराया। सरकार का उद्देश्य युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ते हुए उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
यह अभियान युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत संचालित MY Bharat मंच के माध्यम से चलाया जा रहा है। इसके तहत देशभर के विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम, शपथ ग्रहण, रैलियां, परिचर्चाएं, खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों के जरिए छात्रों और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें स्वस्थ और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि शिक्षा संस्थानों, सामाजिक संगठनों, खेल जगत और विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों की भागीदारी से यह अभियान व्यापक प्रभाव छोड़ सकेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि एक स्वस्थ, जागरूक और जिम्मेदार समाज का निर्माण भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब देश का युवा तन और मन से स्वस्थ होगा, तभी भारत वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों को छू सकेगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि यह अभियान पहले से चल रहे ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ को और मजबूत करेगा, जिसके माध्यम से पिछले कुछ वर्षों में करोड़ों लोगों तक जागरूकता का संदेश पहुंचाया जा चुका है। सरकार को उम्मीद है कि जनभागीदारी और युवाओं के सक्रिय सहयोग से नशे के खिलाफ यह अभियान देशव्यापी जनआंदोलन का रूप लेगा और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।




