उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र से पहले ही सत्ता और विपक्ष के बीच राजनीतिक माहौल गरमा गया है। अयोध्या के कथित “चढ़ावा चोरी” मामले को लेकर विपक्ष सरकार पर लगातार हमलावर है, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा विधायक दल की बैठक में पार्टी विधायकों से विपक्ष के आरोपों का तथ्यों और सरकार की उपलब्धियों के आधार पर मजबूती से जवाब देने को कहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और सदन की गरिमा बनाए रखते हुए विपक्ष के आरोपों का मुंहतोड़ जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने विधायकों से विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था, निवेश, रोजगार और जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े तथ्यों के साथ सदन में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
दूसरी ओर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी पार्टी विधायकों की बैठक कर उन्हें पूरी तैयारी के साथ विधानसभा पहुंचने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सपा विधायक महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याएं, कानून-व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य और अयोध्या के कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण समेत जनहित के विभिन्न मुद्दों को सदन में प्रमुखता से उठाएं। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार जनता से जुड़े अहम मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है और विपक्ष इन सभी विषयों पर सरकार से जवाब मांगेगा।
विधानसभा का यह सत्र राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि आगामी चुनावों को देखते हुए सत्ता और विपक्ष दोनों अपनी-अपनी रणनीति के साथ मैदान में हैं। एक ओर सरकार अपनी उपलब्धियों और विकास कार्यों को जनता के सामने रखने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष सरकार को विभिन्न प्रशासनिक और जनहित के मुद्दों पर घेरने की रणनीति बना चुका है। ऐसे में मानसून सत्र के दौरान सदन में तीखी बहस, आरोप-प्रत्यारोप और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यापक चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।




