हाथों में तिरंगा, दिल में देशभक्ति; सीएम योगी ने लखनऊ से शुरू की तिरंगा यात्रा

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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार को देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम के संदेश के साथ ‘हर घर तिरंगा-तिरंगा यात्रा’ अभियान की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास से तिरंगा यात्रा को रवाना किया। इस दौरान बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं, जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी, सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग और स्थानीय नागरिक हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर यात्रा में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान राजधानी का माहौल देशभक्ति के रंग में नजर आया और युवाओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर युवाओं की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि युवा देश की ऊर्जा का प्रतीक हैं और राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने युवाओं को देश की ताकत बताते हुए उन्हें सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने और राष्ट्रहित में योगदान देने का संदेश दिया। यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं के साथ सेल्फी भी ली, जिससे कार्यक्रम में मौजूद युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला।

सीएम योगी ने तिरंगे को देश की आन, बान और शान से जोड़ते हुए कहा कि राष्ट्रीय ध्वज केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि देश की एकता, गौरव और स्वतंत्रता के लिए किए गए संघर्ष की याद भी दिलाता है। तिरंगा यात्रा का उद्देश्य लोगों को राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व और स्वतंत्रता सेनानियों तथा सैनिकों के बलिदान के प्रति सम्मान की भावना से जोड़ना है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से युवा पीढ़ी को देश के स्वतंत्रता संघर्ष और राष्ट्रीय मूल्यों से परिचित कराने पर भी जोर दिया जा रहा है।

लखनऊ में आयोजित इस कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह, दोनों उपमुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार के कई मंत्री तथा संगठन के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। यात्रा में जनप्रतिनिधियों के साथ स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने भी हिस्सा लिया। तिरंगा हाथों में लेकर निकले लोगों के कारण यात्रा ने व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप लिया।

यह आयोजन स्वतंत्रता दिवस से पहले देशभर में चलाए जा रहे ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का हिस्सा है। केंद्र सरकार की ओर से शुरू किया गया यह अभियान वर्ष 2022 में शुरू होने के बाद लगातार जनभागीदारी का बड़ा माध्यम बनता गया है। वर्ष 2025 के अभियान में देशभर में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया था और करोड़ों तिरंगा सेल्फी अपलोड की गई थीं। सरकार का उद्देश्य राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और नागरिकों में देश के साथ व्यक्तिगत जुड़ाव की भावना को मजबूत करना है।

उत्तर प्रदेश में भी अभियान को व्यापक स्तर पर आयोजित करने की तैयारी की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले दिनों अधिकारियों और संगठन से जुड़े लोगों के साथ अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए इसे जनभागीदारी का बड़ा कार्यक्रम बनाने पर जोर दिया था। रिपोर्टों के मुताबिक इस बार उत्तर प्रदेश में अभियान को करोड़ों परिवारों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकारी और निजी भवनों को तिरंगा थीम से सजाने के साथ-साथ विभिन्न स्थानों पर सांस्कृतिक और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की योजना भी बनाई गई है।

तिरंगा यात्रा का एक महत्वपूर्ण पहलू स्वतंत्रता संग्राम के नायकों और शहीदों को याद करना भी है। लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम का संबंध काकोरी ट्रेन एक्शन की शताब्दी से जुड़े कार्यक्रमों से भी जोड़ा गया है। काकोरी की ऐतिहासिक घटना भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में विशेष महत्व रखती है और इससे जुड़े आयोजन स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बन रहे हैं। तिरंगा यात्रा के जरिए शहीदों के बलिदान को नमन करने और उनके आदर्शों को याद करने का संदेश दिया गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से युवाओं पर दिया गया जोर भी इस कार्यक्रम का अहम हिस्सा रहा। उत्तर प्रदेश में बड़ी युवा आबादी को देखते हुए सरकार और सामाजिक संगठनों की ओर से युवाओं को राष्ट्र निर्माण, सामाजिक जिम्मेदारी और विकास की गतिविधियों से जोड़ने पर लगातार जोर दिया जाता रहा है। मुख्यमंत्री ने युवाओं को ऊर्जा और सामर्थ्य का प्रतीक बताते हुए देश के विकास में उनकी सक्रिय भूमिका की आवश्यकता पर बल दिया।

तिरंगा यात्रा के दौरान देशभक्ति गीतों और राष्ट्रीय ध्वज के साथ लोगों की भागीदारी ने कार्यक्रम को उत्सव का रूप दिया। बड़ी संख्या में युवाओं और महिलाओं की मौजूदगी ने यह संकेत दिया कि स्वतंत्रता दिवस से जुड़े कार्यक्रमों में नई पीढ़ी की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। ‘सेल्फी विद तिरंगा’ जैसी गतिविधियां भी युवाओं को अभियान से जोड़ने का एक माध्यम बनी हैं।

‘हर घर तिरंगा’ अभियान का व्यापक उद्देश्य राष्ट्रीय ध्वज को प्रत्येक नागरिक के घर तक पहुंचाना और स्वतंत्रता दिवस को केवल एक सरकारी कार्यक्रम के बजाय जनभागीदारी वाले राष्ट्रीय उत्सव के रूप में मनाना है। अभियान के तहत लोगों को अपने घरों और प्रतिष्ठानों पर सम्मानपूर्वक तिरंगा फहराने के लिए प्रेरित किया जाता है। इसके साथ ही स्वतंत्रता सेनानियों, सैनिकों और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले लोगों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का संदेश भी दिया जाता है।

लखनऊ से शुरू हुई तिरंगा यात्रा के जरिए उत्तर प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस से पहले राष्ट्रप्रेम और जनभागीदारी का माहौल बनाने की कोशिश की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का युवाओं को ऊर्जा का प्रतीक बताना इस अभियान में युवा भागीदारी के महत्व को दर्शाता है। अब प्रदेश के अलग-अलग जिलों और शहरों में तिरंगा यात्रा, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य गतिविधियों के जरिए लोगों को ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से जोड़ने की तैयारी है।

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