उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ के लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस विभाग के चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था, पुलिस भर्ती में पारदर्शिता, महिला सुरक्षा और माफिया के खिलाफ सरकार की कार्रवाई को लेकर अपनी बात रखी। कार्यक्रम में पुलिस उपनिरीक्षक (गोपनीय), सहायक उपनिरीक्षक (लिपिक) और सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) पदों के लिए चयनित 912 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में महिला सुरक्षा और अपराध के मुद्दे पर सख्त रुख जाहिर किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और महिलाओं तथा बेटियों के साथ अपराध करने वालों को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति आज अपराध करने का दुस्साहस करता है तो समझ लेना चाहिए कि उसने अपने “डेथ सेंटेंस पर खुद साइन” किया है। मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी अपराधियों के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को रेखांकित करने के संदर्भ में सामने आई।
योगी आदित्यनाथ ने पुलिस की जमीन पर कथित माफिया कब्जे का एक प्रसंग भी साझा किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में फोरेंसिक इंस्टीट्यूट के लिए जमीन तलाशने के दौरान तत्कालीन पुलिस महानिदेशक ने उन्हें जानकारी दी थी कि पुलिस विभाग की जमीन मौजूद है, लेकिन उस पर एक माफिया का कब्जा है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इसके बाद संबंधित व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई और बाद में उसने आत्मसमर्पण कर दिया। मुख्यमंत्री ने इस उदाहरण के जरिए कहा कि सरकारी जमीन हो या आम नागरिक की संपत्ति, अवैध कब्जे को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश की मौजूदा कानून-व्यवस्था की तुलना 2017 से पहले के दौर से भी की। उन्होंने दावा किया कि पहले प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में दंगे और लंबे समय तक कर्फ्यू की स्थिति देखने को मिलती थी, जबकि अब पुलिस कानून-व्यवस्था से जुड़ी परिस्थितियों से निपटने के लिए लगातार प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल कर रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस की भूमिका केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करने तक सीमित नहीं है, बल्कि संभावित घटनाओं को रोकना और नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा पैदा करना भी उसकी जिम्मेदारी है।
योगी आदित्यनाथ ने माफिया के प्रभाव को लेकर भी सरकार की कार्रवाई का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब प्रभावशाली अपराधियों और माफिया के दबदबे के कारण प्रशासनिक व्यवस्था पर भी दबाव दिखाई देता था। उनके अनुसार, अब पुलिस और प्रशासन ने अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने की क्षमता और इच्छाशक्ति दोनों को मजबूत किया है। सरकार की ओर से माफिया से जुड़ी संपत्तियों पर कार्रवाई, अवैध कब्जे हटाने और जब्ती जैसी कार्रवाइयों को कानून-व्यवस्था सुधारने के अभियान का हिस्सा बताया गया है।
पुलिस भर्ती प्रक्रिया का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए कई बदलाव किए हैं। उन्होंने दावा किया कि पहले सरकारी भर्तियों में भाई-भतीजावाद और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती थीं, जबकि मौजूदा व्यवस्था में चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया है। उन्होंने ग्रुप सी और डी की भर्तियों में इंटरव्यू की व्यवस्था समाप्त किए जाने का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने पुलिस बल की प्रशिक्षण क्षमता और बुनियादी ढांचे में हुए बदलावों का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, प्रदेश में अब एक साथ बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण देने की क्षमता विकसित की गई है। उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों की बढ़ती संख्या का उल्लेख करते हुए कहा कि पुलिस विभाग में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। पुलिस बैरकों, पुलिस लाइनों और पीएसी से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए किए गए कार्यों की जानकारी भी उन्होंने कार्यक्रम में दी।
योगी आदित्यनाथ ने रोजगार के मुद्दे पर भी सरकार की योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में बड़ी संख्या में युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। रविवार को 912 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया जाना भी इसी भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया। मुख्यमंत्री ने चयनित युवाओं से पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री का मुख्य जोर पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने, अपराध और माफिया के खिलाफ कार्रवाई तथा महिला सुरक्षा पर रहा। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है और पुलिसकर्मियों को इसी भावना के साथ काम करना होगा। वहीं, अपराधियों को लेकर उनकी “डेथ सेंटेंस पर खुद साइन” वाली टिप्पणी ने उनके सख्त कानून-व्यवस्था वाले संदेश को प्रमुखता से सामने रखा।




