अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ भारतीय एजेंसियों को बड़ी सफलता मिलने की जानकारी सामने आई है। कथित नारको-ट्रैफिकिंग किंगपिन नवप्रीत सिंह को तुर्किये से भारत वापस लाया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 3 अक्टूबर 2026 को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि भारतीय एजेंसियों ने उसकी वास्तविक पहचान का पता लगाया और उसे भारत लाने में सफलता हासिल की। गृह मंत्री के मुताबिक, नवप्रीत सिंह ने कथित तौर पर ‘नवाब विर्क’ नाम की फर्जी पहचान का इस्तेमाल करते हुए तुर्किये की नागरिकता हासिल की थी। उस पर अफगानिस्तान से भारत तक हेरोइन और मेथामफेटामाइन की तस्करी से जुड़े नेटवर्क को संचालित करने का आरोप है।
मामले की खास बात यह है कि नवप्रीत सिंह ने विदेश में रहते हुए अपनी पहचान छिपाने के लिए कथित तौर पर अलग नाम का सहारा लिया। भारतीय एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती उसकी वास्तविक पहचान और विदेश में मौजूदगी की पुष्टि करना थी। सरकारी बयान के अनुसार, एजेंसियों ने लंबे समय तक उसकी पहचान और गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटाई। इसके बाद तुर्किये के साथ समन्वय के जरिए उसे भारत वापस लाने की प्रक्रिया आगे बढ़ी। मई 2026 में भी ऐसी रिपोर्टें सामने आई थीं कि भारत ने नवप्रीत सिंह के प्रत्यर्पण के लिए तुर्किये से अनुरोध किया था।
नवप्रीत सिंह का नाम वर्ष 2021 में सामने आए एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क की जांच से जुड़ा है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जुलाई 2021 में ड्रग तस्करी के एक मामले की जांच शुरू की थी। जांच के दौरान अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की गई और बड़ी मात्रा में हेरोइन बरामद होने की जानकारी सामने आई। पुलिस के अनुसार, कुल बरामदगी लगभग 358 किलोग्राम हेरोइन तक पहुंची थी। इस मामले में अफगानिस्तान से जुड़े लोगों समेत कई संदिग्धों की भूमिका की जांच की गई और नेटवर्क के तार दिल्ली, पंजाब, हरियाणा तथा मध्य प्रदेश के अलावा विदेशों तक जुड़े होने की बात सामने आई।
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, मामले की एक महत्वपूर्ण कड़ी रिजवान अहमद उर्फ रिजवान कश्मीरी की गिरफ्तारी से जुड़ी थी। उसे दिल्ली के घिटोरनी इलाके से कथित तौर पर एक किलोग्राम हेरोइन के साथ पकड़े जाने के बाद पूछताछ की गई थी। इसके बाद जांच एजेंसियों ने फरीदाबाद और अन्य स्थानों पर कार्रवाई की, जहां से बड़ी मात्रा में नशीला पदार्थ बरामद होने का दावा किया गया। जांच आगे बढ़ने पर अफगानिस्तान से जुड़े लोगों की भूमिका और भारत में ड्रग्स की कथित सप्लाई चेन के बारे में भी जानकारी सामने आई।
इस मामले की जांच के दौरान नवप्रीत सिंह के चचेरे भाई प्रभदीप सिंह का नाम भी सामने आया। दिल्ली पुलिस ने आरोप लगाया था कि प्रभदीप भारत में नेटवर्क की गतिविधियों को संभालने और विदेश में मौजूद नवप्रीत सिंह तथा भारत में मौजूद अन्य आरोपियों के बीच संपर्क बनाए रखने में भूमिका निभाता था। पुलिस के अनुसार, वह कथित तौर पर ड्रग्स की खेप और नेटवर्क के दूसरे सदस्यों के बीच समन्वय से जुड़ा हुआ था। प्रभदीप सिंह लंबे समय तक फरार रहा और मई 2026 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल तथा केंद्रीय जांच ब्यूरो के समन्वय से उसे अजरबैजान के बाकू से भारत वापस लाया गया था।
पूरे मामले की जांच से यह संकेत मिला कि कथित ड्रग नेटवर्क केवल भारत के किसी एक शहर या राज्य तक सीमित नहीं था। जांच एजेंसियों ने अफगानिस्तान से भारत तक नशीले पदार्थों की कथित तस्करी, उनके प्रसंस्करण और अलग-अलग इलाकों में सप्लाई से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की थी। इस दौरान भारत के विभिन्न राज्यों में मौजूद कथित संपर्कों के साथ-साथ विदेशों में बैठे लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई। इसी अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन के कारण नवप्रीत सिंह को भारत वापस लाने के लिए दूसरे देश के साथ सहयोग और कानूनी प्रक्रिया की जरूरत पड़ी।
गृह मंत्री अमित शाह ने नवप्रीत सिंह की भारत वापसी को ड्रग तस्करी के खिलाफ सरकार की कार्रवाई से जोड़ते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय नार्को-कार्टेल के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। केंद्र सरकार ने हाल के वर्षों में सीमा पार ड्रग तस्करी, सिंथेटिक ड्रग्स और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के खिलाफ एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया है। सरकार की रणनीति में ड्रग नेटवर्क का पता लगाने, उसकी गतिविधियों को बाधित करने और नेटवर्क को खत्म करने के लिए जांच तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग को महत्वपूर्ण बताया गया है।
अब नवप्रीत सिंह के भारत आने के बाद जांच एजेंसियों के सामने कई अहम सवाल हैं। एजेंसियां कथित तौर पर यह पता लगाने की कोशिश कर सकती हैं कि विदेश में रहते हुए उसकी भूमिका कितनी व्यापक थी, अफगानिस्तान से भारत तक ड्रग्स की कथित सप्लाई किस तरह संचालित होती थी और भारत में उसके संपर्क किन लोगों से थे। इसके अलावा ‘नवाब विर्क’ नाम से कथित पहचान बनाने, तुर्किये की नागरिकता हासिल करने और वहां रहते हुए भारत में मौजूद नेटवर्क के साथ संपर्क बनाए रखने से जुड़े पहलुओं की भी जांच महत्वपूर्ण हो सकती है।
हालांकि, नवप्रीत सिंह के खिलाफ लगाए गए आरोपों को अदालत द्वारा दोष सिद्ध किए जाने तक आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। पुलिस और जांच एजेंसियों के दावों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ेगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायिक प्रक्रिया में आरोपों की पुष्टि या खंडन होगा। तुर्किये से उसकी भारत वापसी से 2021 में सामने आए कथित ड्रग नेटवर्क की जांच को आगे बढ़ाने और इसके अंतरराष्ट्रीय संपर्कों को समझने में एजेंसियों को नई जानकारी मिलने की संभावना है।




